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CBSE OSM controversy deepens: 4 lakh students obtained their answer sheets, 1.6 lakh applied for re-evaluation.
नई दिल्ली। CBSE की 12वीं परीक्षा के ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। रिजल्ट के बाद छात्रों में असंतोष की स्थिति साफ दिखाई दे रही है, जहां बड़ी संख्या में छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच की मांग कर रहे हैं।
फिजिक्स पेपर पर सबसे ज्यादा सवाल, छात्रों में बढ़ी चिंता
आंकड़ों के मुताबिक इस बार सबसे ज्यादा शिकायतें फिजिक्स विषय की आंसर शीट को लेकर सामने आई हैं। छात्रों का आरोप है कि मूल्यांकन में गड़बड़ी और अंक देने में अनियमितताएं देखने को मिली हैं।इसी वजह से कई छात्रों ने अपने अंकों की दोबारा जांच की मांग की है।
4 लाख छात्रों ने मंगवाई कॉपी, हर 4 में से 1 ने उठाया कदम
CBSE के पहले चरण में करीब 4.04 लाख छात्रों ने अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी प्राप्त की। यह कुल छात्रों का बड़ा हिस्सा है, जो सिस्टम पर भरोसे के साथ-साथ सवाल भी खड़े करता है।इसके बाद दूसरे चरण में लगभग 1.6 लाख छात्रों ने री-इवैल्युएशन और वेरिफिकेशन के लिए आवेदन किया है।
हर 10 में से 4 छात्रों ने की री-इवैल्युएशन की मांग
जानकारी के अनुसार, जिन छात्रों ने आंसर शीट ली थी, उनमें से हर 10 में से लगभग 4 छात्रों ने अब आगे की प्रक्रिया यानी वेरिफिकेशन और री-इवैल्युएशन का विकल्प चुना है।यह आंकड़ा छात्रों की बढ़ती असंतुष्टि को दर्शाता है।
OSM सिस्टम पर सवाल, कोर्ट में पहुंचा मामला
दिल्ली हाई कोर्ट ने CBSE की इस प्रणाली को लेकर केंद्र और बोर्ड से जवाब मांगा है। एनएसयूआई की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया है।याचिका में आरोप लगाया गया है कि कई कॉपियों में तकनीकी खामियां, धुंधले पेज और गायब पन्नों जैसी समस्याएं सामने आई हैं।
CBSE का बचाव, राजनीतिकरण का आरोप
CBSE की ओर से कोर्ट में कहा गया है कि शिक्षा के मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। बोर्ड ने दावा किया कि प्रक्रिया पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुरक्षित है।वहीं एनएसयूआई ने कहा कि वे छात्रों के अधिकारों की बात कर रहे हैं, जिनमें कई नाबालिग भी शामिल हैं।
री-इवैल्युएशन प्रक्रिया कैसे होगी
CBSE के अनुसार, री-इवैल्युएशन केवल उन्हीं छात्रों के लिए होगा जिन्होंने पहले चरण में अपनी स्कैन कॉपी प्राप्त की थी।इसमें दो मुख्य जांच शामिल होंगीअंकों का सही जोड़उत्तर के मूल्यांकन में छूटे अंकों की जांच विशेषज्ञों की टीम आपत्तियों वाली कॉपियों की दोबारा जांच करेगी और जरूरत पड़ने पर अंक संशोधित किए जाएंगे।
बदल सकते हैं अंक, नई मार्कशीट जारी होगी
अगर री-इवैल्युएशन में अंकों में बदलाव पाया जाता है, तो नई मार्कशीट जारी की जाएगी और पुरानी मार्कशीट को अपडेटेड मार्कशीट से बदला जाएगा।
NEET परीक्षा में भी सख्ती, वायुसेना करेगी पेपर डिलीवरी
इसी बीच NEET UG 2026 परीक्षा को लेकर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पेपर लीक रोकने के लिए वायुसेना को 18 स्थानों पर प्रश्न पत्र पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।