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Jain community will submit memorandum to President-Prime Minister tomorrow
दुर्ग-भिलाई में जैन समाज ने जैन साध्वी आर्यिका माताजी के साथ हुई दुखद दुर्घटना और देशभर में जैन साधु-संतों के साथ लगातार हो रही घटनाओं को लेकर गहरी चिंता और आक्रोश जताया है। सकल जैन समाज दुर्ग-भिलाई द्वारा 25 मई की सुबह 8 बजे हिन्दी भवन के पास समाजजनों को एकत्रित होकर रैली निकाली जाएगी। इसके बाद जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव समिति दुर्ग एवं सकल जैन समाज ने बताया कि जैन साधु-संत पूर्णतः अहिंसक, निहत्थे और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो समाज को शांति, संयम और करुणा का संदेश देते हैं। ऐसे संतों के साथ लगातार हो रही घटनाएं बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से आर्यिका माताजी दुर्घटना प्रकरण की SIT या न्यायिक जांच कराने, घटना से जुड़े CCTV फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी। साथ ही देशभर में विहाररत जैन संतों के लिए “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू करने, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था देने और “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” बनाने की मांग भी रखी जाएगी।

समाज ने यह भी मांग की है कि साधु-संतों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाए और प्रशासन एवं समाज के बीच समन्वय के लिए “संत सुरक्षा समन्वय प्रकोष्ठ” का गठन किया जाए।
समिति के प्रचार-प्रसार प्रमुख नवीन संचेती ने बताया कि यह पहल पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में की जा रही है। इसका उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव पैदा करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। समाजजनों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अभियान को सफल बनाने की अपील की गई है।