

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

MP News: The story of Emergency echoed in the 'Mock Parliament' of BJP Mahila Morcha; Youth were told about the 'dark chapter'
भोपाल। मध्य प्रदेश के भोपाल के पीपुल्स ऑडिटोरियम में बीते बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा द्वारा आयोजित 'महिला मॉक संसद' कार्यक्रम ने युवा महिला प्रतिनिधियों को भारतीय लोकतंत्र के एक अंधेरे अध्याय, आपातकाल, से रूबरू कराया। इस अनूठे आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को 1975 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा थोपे गए आपातकाल की क्रूरता और लोकतंत्र पर हुए कुठाराघात की सच्चाई से अवगत कराना था।
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा जैसी प्रमुख हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने युवा (मॉक) सांसदों को आपातकाल के दौरान संविधान और नागरिक अधिकारों के हनन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वक्ताओं ने बताया कि, कैसे इस "काले दौर" में व्यक्तिगत स्वतंत्रता को कुचला गया और लोकतांत्रिक मूल्यों को दरकिनार किया गया।

इस मौके पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद वी.डी. शर्मा, मध्य प्रदेश शासन के मंत्री विश्वास सारंग, राज्य मंत्री कृष्णा गौर, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य माया नारोलिया, सांसद संध्या राय और महापौर मालती राय शामिल थीं। बड़ी संख्या में महिला मोर्चा की कार्यकर्ता बहनें भी इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की साक्षी बनीं।

आयोजकों का मानना है कि, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश का प्रत्येक सजग नागरिक संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संकल्पित है। इस तरह के कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने और भविष्य में ऐसे किसी भी 'काले अध्याय' की पुनरावृत्ति रोकने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
