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MP Vijay Baghel strict on theft of crores in Bhilai Steel Plant
भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में करोड़ों रुपये मूल्य की सामग्री चोरी होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। संयंत्र में लगभग 600 सीसीटीवी कैमरों और सीआईएसएफ जैसी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद इतनी बड़ी चोरी की घटना सामने आने पर दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
सांसद विजय बघेल ने कहा कि यह मामला केवल चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और प्रशासनिक जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने दुर्ग जिले के पुलिस अधीक्षक से चर्चा कर मामले की जानकारी ली और चोरी के गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस प्रशासन की सराहना की।
उन्होंने कहा कि जिस संयंत्र में आधुनिक सुरक्षा संसाधन, सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे और व्यापक सुरक्षा व्यवस्था मौजूद हो, वहां इतने बड़े पैमाने पर चोरी होना बेहद चिंताजनक है। प्रथम दृष्टया यह मामला गहन जांच की मांग करता है ताकि पूरे नेटवर्क और संभावित मिलीभगत का खुलासा हो सके।
सांसद ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों ने अपने परिश्रम, अनुशासन और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति के बल पर संयंत्र को देश में सर्वाधिक प्रधानमंत्री ट्रॉफियां दिलाई हैं और सेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे कर्मचारियों पर अतिरिक्त निगरानी और नियंत्रणात्मक व्यवस्थाएं लागू करने के बजाय प्रबंधन को चोरी रोकने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने प्रस्तावित आरएफआईडी व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग करते हुए कहा कि कर्मचारियों को संदेह की दृष्टि से देखना उचित नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि लागत नियंत्रण के नाम पर कर्मचारियों और अधिकारियों पर लगातार कार्य का दबाव बढ़ाया जा रहा है, ठेका श्रमिकों की छंटनी की जा रही है और विभिन्न सुविधाओं में कटौती हो रही है, जबकि संयंत्र की संपत्तियों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों पर अपेक्षित कठोरता नहीं दिखाई जा रही है।
विजय बघेल ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र देश की अमूल्य धरोहर है और इसकी संपत्तियों की लूट किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने मांग की कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कर सभी दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, चाहे वे किसी भी पद, प्रभाव या स्तर से जुड़े हों।
सांसद ने यह भी कहा कि वे इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) को पत्र लिखेंगे। साथ ही आगामी लोकसभा सत्र में भी इस गंभीर मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे, ताकि देश की इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा न जाए।