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vishnudeo sai cabinet approves power company ipo and farmer incentives
रायपुर। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की अध्यक्षता में आज महानदी भवन में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में किसानों, निवेशकों, शहरी परिवहन, योग शिक्षा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खनिज परिवहन से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। सरकार का दावा है कि इन निर्णयों से राज्य में निवेश, कृषि विविधीकरण, पारदर्शिता और पर्यावरण अनुकूल विकास को नई गति मिलेगी।
कैबिनेट ने Chhattisgarh State Power Transmission Company Limited को प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के माध्यम से शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है।
इस फैसले के बाद कंपनी में आम नागरिकों और निवेशकों के लिए निवेश का रास्ता खुलेगा। सरकार का मानना है कि शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने से कंपनी की वित्तीय क्षमता मजबूत होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और भविष्य की परियोजनाओं के लिए पूंजी जुटाना आसान होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि प्रक्रिया सफल रहती है तो यह राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों में निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।
कैबिनेट ने खरीफ वर्ष 2026 से कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को मंजूरी दी है। इसके तहत जो किसान धान की खेती के बजाय वैकल्पिक फसलों की ओर रुख करेंगे, उन्हें प्रति एकड़ 15 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
योजना के अंतर्गत निम्न फसलें शामिल की गई हैं-
दलहन
तिलहन
मक्का
कोदो
कुटकी
रागी
कपास
सरकार का उद्देश्य धान पर अत्यधिक निर्भरता कम करना और कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देना है। योजना का लाभ केवल उन किसानों को मिलेगा जिनका पंजीयन एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक और डिजिटल क्रॉप सर्वे में दर्ज होगा। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इससे जल संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय के नए स्रोत विकसित होंगे।
कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के पात्र हितग्राहियों को चना उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए National e-Markets Limited (NeML) के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से चना खरीदी की अनुमति दी गई है। साथ ही अप्रैल से जून 2026 तक लागू वर्तमान व्यवस्था को अगले तीन माह के लिए बढ़ाने का फैसला भी लिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पोषणयुक्त खाद्य सामग्री की उपलब्धता बनी रहेगी।
राज्य सरकार ने योग विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन करने का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि योग, आयुष चिकित्सा पद्धति का अभिन्न हिस्सा है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन आने से योग से जुड़े प्रशिक्षण, अनुसंधान, शैक्षणिक गतिविधियों और संस्थागत विकास को बेहतर दिशा मिलेगी। इस कदम से राज्य में योग शिक्षा और शोध गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM) में डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) को मंजूरी देने का निर्णय लिया है।
इस फैसले के बाद राज्य के चार प्रमुख शहरों में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। बसें रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में चलेगी।
सरकार का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रदूषण में कमी आएगी, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कैबिनेट ने Nava Raipur Atal Nagar Development Authority (NRDA) को आपसी सहमति से भूमि क्रय पर दी जा रही स्टाम्प ड्यूटी छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ाने का फैसला लिया है। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज होगी और नवा रायपुर क्षेत्र में विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।
खनिजों के अवैध परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन और भण्डारण) नियम-2009 में संशोधन को मंजूरी दी है।
नए प्रावधानों के तहत सभी खनिज परिवहन वाहनों में RFID टैग अनिवार्य होगा। वाहन ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा। खनिजों की मात्रा और गुणवत्ता निर्धारण के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। परिवहन गतिविधियों की डिजिटल निगरानी की जाएगी। सरकार का दावा है कि इससे अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा तथा राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी।