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Chhattisgarh: Janjgir model discussed across the country, changed face of policing becomes an example
जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले से निकला एक अनोखा पुलिसिंग मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। सामुदायिक भागीदारी और संवाद के जरिए सामाजिक बदलाव लाने वाली इस पहल को सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी हैदराबाद ने अपने पाठ्यक्रम में शामिल करने का फैसला किया है। अब देशभर के प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी इसे केस स्टडी के रूप में पढ़ेंगे।
शराब के धंधे से सम्मानजनक जीवन तक का सफर
जिले का सबरिया समुदाय लंबे समय से अवैध कच्ची शराब के कारोबार में उलझा हुआ था। इसे केवल कानून व्यवस्था का मुद्दा मानने के बजाय सामाजिक समस्या के रूप में देखा गया। यहीं से बदलाव की शुरुआत हुई।
डंडे नहीं, संवाद बना बदलाव का जरिया
पुलिस ने सख्ती के बजाय बातचीत का रास्ता चुना। टीमों ने समुदाय के बीच जाकर लगातार संवाद किया, बैठकों के जरिए समझाया कि यह काम आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को प्रभावित कर रहा है। इस मानवीय दृष्टिकोण ने लोगों के सोचने का नजरिया बदल दिया।
रोजगार के विकल्प ने दिखाई नई दिशा
सिर्फ अवैध गतिविधि छुड़वाना ही लक्ष्य नहीं था, बल्कि लोगों को बेहतर विकल्प देना भी जरूरी था। पुलिस और प्रशासन ने मिलकर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए, जिससे समुदाय के लोग नई शुरुआत कर सके।
नतीजा, बदली पूरी तस्वीर
आज वही लोग जो कभी शराब बनाने के काम में लगे थे, अब सम्मानजनक रोजगार से जुड़े हैं। इस बदलाव ने न केवल उनकी जिंदगी सुधारी, बल्कि समाज में उनकी छवि भी बेहतर बनाई है।
पुलिस अकादमी ने माना प्रभावी मॉडल
इस पहल की सफलता को देखते हुए राष्ट्रीय पुलिस अकादमी ने इसे अपने प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है। करीब 150 प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी इस मॉडल का अध्ययन करेंगे, ताकि वे भी अपने कार्यक्षेत्र में इसी तरह के सकारात्मक प्रयोग कर सकें।
जांजगीर के लिए गर्व का पल
यह उपलब्धि न केवल जिले के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। यह उदाहरण दिखाता है कि सही सोच और संवेदनशील पुलिसिंग से समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।