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Amit Trivedi’s major revelation: The music composer broke down in tears during ‘Ek Main Aur Ekk Tu’; the rejection of his songs had shattered his self-confidence.
मुंबई। बॉलीवुड के मशहूर म्यूजिक कंपोजर अमित त्रिवेदी ने अपने करियर के शुरुआती दौर से जुड़ा एक भावुक किस्सा साझा किया है। ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा के पॉडकास्ट ‘गेम चेंजर्स: द म्यूजिक सीरीज’ के लेटेस्ट एपिसोड में उन्होंने बताया कि शुरुआती फिल्मों में लगातार सफलता मिलने के बाद फिल्म ‘एक मैं और एक तू’ के दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। इस फिल्म के लिए बार-बार गाने रिजेक्ट होने से वह इतने परेशान हो गए थे कि उन्हें खुद की प्रतिभा पर ही संदेह होने लगा था और वह रो भी पड़े थे।
अमित त्रिवेदी ने बातचीत के दौरान बताया कि ‘देव डी’, ‘आमिर’ और ‘उड़ान’ जैसी फिल्मों में काम करने के दौरान उनका अनुभव काफी सकारात्मक रहा था। उन्होंने ‘देव डी’ के लिए 18 गाने तैयार किए थे और सभी गानों को चुन लिया गया था। वहीं, फिल्म ‘आमिर’ के लिए उन्होंने पांच गाने बनाए और सभी स्वीकार कर लिए गए। फिल्म ‘उड़ान’ में भी उन्हें इसी तरह का अनुभव मिला। लगातार मिल रही सफलता के कारण उन्हें लगने लगा था कि म्यूजिक इंडस्ट्री में काम करना शायद इतना मुश्किल नहीं है।
अमित त्रिवेदी ने बताया कि करण जौहर के प्रोडक्शन में बनी शकुन बत्रा की फिल्म ‘एक मैं और एक तू’ उनके लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई। इससे पहले वह करण जौहर की फिल्म ‘वेक अप सिड’ के लिए ‘इकतारा’ जैसा लोकप्रिय गाना बना चुके थे, जिसे तैयार करने का अनुभव भी उनके लिए काफी सहज रहा था। लेकिन ‘एक मैं और एक तू’ पर काम करते समय परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं।
उन्होंने बताया कि फिल्म के लिए उनके बनाए गाने लगातार रिजेक्ट हो रहे थे। अगर किसी गाने को निर्देशक शकुन बत्रा पसंद करते, तो करण जौहर को वह पसंद नहीं आता था। वहीं, करण जौहर को कोई गाना पसंद आने पर शकुन बत्रा उससे संतुष्ट नहीं होते थे। दोनों की अलग-अलग पसंद के बीच अमित त्रिवेदी के लिए यह समझना मुश्किल हो गया था कि आखिर किस तरह का संगीत तैयार किया जाए।
अमित त्रिवेदी ने खुलासा किया कि लगातार मिल रहे रिजेक्शन ने उन्हें भावनात्मक रूप से काफी कमजोर कर दिया था। उन्होंने स्वीकार किया कि वह इस दौरान रो भी पड़े थे और खुद से सवाल करने लगे थे कि क्या वह अच्छे संगीतकार नहीं हैं या उन्हें अच्छा म्यूजिक बनाना नहीं आता। हालांकि, अपनी पिछली फिल्मों की सफलता और हिट गानों को याद करने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि समस्या जरूरी नहीं कि उनकी प्रतिभा में ही हो। कई बार रचनात्मक काम में अलग-अलग लोगों की पसंद और अपेक्षाओं के बीच तालमेल बैठाना भी बड़ी चुनौती बन जाता है।
कोमल नाहटा अपने पॉडकास्ट ‘गेम चेंजर्स: द म्यूजिक सीरीज’ के जरिए भारतीय सिनेमा और संगीत जगत की जानी-मानी हस्तियों की जिंदगी, उनके संघर्ष और करियर से जुड़े अनसुने किस्सों को सामने ला रहे हैं। इस सीरीज में सिंगर्स, म्यूजिक कंपोजर्स और इंडस्ट्री के अन्य दिग्गज अपनी रचनात्मक यात्रा और अनुभव साझा करते हैं। अमित त्रिवेदी का यह खुलासा बताता है कि सफलता के बावजूद एक कलाकार को अस्वीकृति, आत्म-संदेह और रचनात्मक मतभेदों जैसी चुनौतियों से गुजरना पड़ सकता है। ‘गेम चेंजर्स: द म्यूजिक सीरीज’ का लेटेस्ट एपिसोड यूट्यूब पर देखा जा सकता है।