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Another blow to the world from Trump: visa appointments suspended at US embassies and consulates worldwide.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इमिग्रेशन यानि प्रवास में सख्ती को लेकर एक बड़ा फरमान जारी किया है। ट्रम्प ने दुनिया भर में स्थित अमेरिका के दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में नए वीसा अपॉइंटमेंट पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। नई तारीखों का ऐलान फिलहाल नहीं किया गया है। इसके बारे में ट्रम्प प्रशासन की ओर से कहा गया है, कि अमेरिकी वीसा जारी करने के पूरे सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
ट्रम्प के इस आदेश से हर साल अमेरिका जाने वाले लगभग 20 लाख भारतीयों को 'नो एंट्री' की मुसीबत झेलनी पड़ेगी। इनमें बड़ी संख्या में छात्र, एच-1 बी प्रोफेशनल और उद्यमी शामिल हैं। हर साल अमेरिकी वीसा पाने वालों में दुनियाभर में भारतीय दूसरे नंबर पर रहते हैं। ट्रम्प प्रशासन की ओर से नई वीसा अपॉइंटमेंट की तारीखें जारी करने पर भी कुछ नहीं कहा है, जिससे असमंजस और बढ़ गया है। वीसा अपॉइंटमेंट रोकने की पीछे ट्रम्प प्रशासन का बड़ा प्लान है। दरअसल, ट्रम्प प्रशासन दूतावास के कर्मचारियों को वीसा रद्द करने की ट्रेनिंग देने वाला है। सभी देशों में स्पेशल वीसा अफसरों की टीमें भेजी जाएंगी। सोशल मीडिया स्क्रूटनी को और कड़ा किया जाएगा। ट्रम्प प्रशासन की नीतियों के खिलाफ एक भी पोस्ट करने पर आवेदक का अमेरिका के लिए वीसा रद्द कर दिया जाएगा।
इस नए आदेश का असर आगे के वीसा अपॉइंटमेंट डेट्स पर भी पड़ेगा, क्योंकि इस आदेश से पहले ही 9 महीने की औसत वेटिंग चल रही है। नए आदेश के बाद अपॉइंटमेंट की तारीखें और आगे बढ़ जाएंगी। इस तरह के आदेश का एक और बड़ा कारण यह हो सकता है, कि ट्रम्प अमेरिका में इमिग्रेशन की पूरी प्रक्रिया को अपने वोट बैंक के हिसाब से तय करना चाहते हैं। ट्रम्प का दक्षिणपंथी रिपब्लिकन वोटर प्रवासियों की अमेरिका में एंट्री के खिलाफ है। नवंबर में मिडटर्म चुनावों में ट्रम्प इसी वोट बैंक को लुभाने के लिए ऐसे फैसले ले रहे हैं। इसके अलावा एक कारण यह भी हो सकता है, कि वीसा जारी करने या रद्द करने का अधिकार अमेरिकी सरकार के पास सुरक्षित होता है। लेकिन ट्रम्प के आदेशों को वहां के अदालतों में चुनौती दी जा सकती है। वीसा पर रोक के व्यक्तिगत मामलों में अमेरिकी अदालतें वहां के सरकारों के फैसले पहले भी पलट चुकी हैं। हालांकि, वीसा अपॉइंटमेंट पर ट्रंप प्रशासन ज्यादा दिनों तक रोक नहीं लगा पाएगी, क्योंकि अमेरिका की अर्थव्यवस्था प्रवासियों पर टिकी है। एयरलाइंस, टूरिज्म और स्टूडेंट्स की फीस से हर साल अमेरिका को बड़ा फायदा मिलता है।
इस बीच आपको ये भी बता दें, कि अमेरिका में आईस यानि इमिग्रेशन एंड कस्टम एनफोर्समेंट ने जुलाई में 50 हजार प्रवासियों की धरपकड़ की है। ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में ये सबसे बड़ी कार्रवाई है। बिना वैध कागजात और अनुमति के आरोपों सहित एसे प्रवासियों को भी पकड़ा गया है, जिनपर अवैध रूप से अमेरिका आने का संदेह है। आईस की टीमों पर ट्र्म्प सरकार का कंट्रोल है। इसके अलावा अगर आईस की बात करें, तो विपक्ष डेमोक्रेट्स के शासन वाले 24 राज्यों में आईस के विरोध में याचिकाएं लगी हुई हैं।