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Anti-Naxal Operation: Major blow to Maoist organization in Malkangiri, ACM rank Naxalite surrenders
रायपुर। प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) संगठन को बड़ा झटका देते हुए एरिया कमेटी सदस्य (एसीएम) रैंक के एक सक्रिय माओवादी कैडर ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। सुकमा निवासी सुखराम मरकाम उर्फ सुरेश उर्फ योगेश ने मलकानगिरी पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
हथियार और विस्फोटक भी किए जमा
आत्मसमर्पण के दौरान माओवादी कैडर ने एक एसएलआर राइफल, 7.62 एमएम की 12 गोलियां, आईईडी, वायर, वर्दी सहित अन्य सामग्री पुलिस को सौंपी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पण के साथ ही उसने उग्रवादी गतिविधियों से सभी संबंध खत्म करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास जताने की बात कही।
लंबे समय से माओवादी संगठन से जुड़ा था
सुखराम मरकाम वर्ष 2010 में बाल संगठन से जुड़ा था और धीरे-धीरे संगठन में सक्रिय होता गया। वर्ष 2018 में वह माओवादी सैन्य प्लाटून में शामिल हुआ और बाद में एरिया कमेटी सदस्य के रूप में कार्य करने लगा। उसने माओवादी विचारधारा, नक्शा पढ़ने और संगठनात्मक प्रशिक्षण भी लिया था।
कई बड़ी घटनाओं में रहा शामिल
पुलिस के अनुसार आरोपी कई हिंसक घटनाओं में शामिल रहा है। इनमें ग्रामीणों पर हमले, पुलिस और सुरक्षा बलों पर फायरिंग, आईईडी ब्लास्ट और नागरिकों की हत्या जैसी घटनाएं शामिल हैं।
आत्मसमर्पण के पीछे कई वजहें
पुलिस ने बताया कि सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव, माओवादी संगठन में समर्थन की कमी, नेतृत्व संकट और ओडिशा सरकार की नई सरेंडर व पुनर्वास नीति जैसे कारणों से माओवादी कैडर ने आत्मसमर्पण का फैसला लिया।
मिलेगा आर्थिक व पुनर्वास पैकेज
सरेंडर करने वाले कैडर को ओडिशा सरकार की नीति के तहत 21 लाख रुपये का इनाम, 25 हजार रुपये की अंतरिम सहायता, आवास सुविधा, कौशल प्रशिक्षण, मासिक स्टाइपेंड, स्वास्थ्य कार्ड और राशन सुविधा सहित कई लाभ दिए जाएंगे।
माओवादी कैडरों से मुख्यधारा में लौटने की अपील
ओडिशा पुलिस ने अन्य माओवादी कैडरों से भी हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने और मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि आत्मसमर्पण करने वालों को सुरक्षा और पुनर्वास की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।