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Chhattisgarh: After bail, Lakhma will be denied entry into Chhattisgarh and will make a temporary residence in Malkangiri, Odisha.
रायपुर। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद पूर्व आबकारी मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा को जमानत की शर्तों के तहत छत्तीसगढ़ से बाहर रहना होगा। अदालत के निर्देशानुसार लखमा अब ओडिशा के मलकानगिरी में अस्थायी रूप से निवास करेंगे। मलकानगिरी उनका नया ठिकाना होगा, जो उनके विधानसभा क्षेत्र कोंटा से सटा हुआ है।
अदालत को दी नए निवास की जानकारी
रिहाई के बाद कवासी लखमा जिला अदालत पहुंचे और अपने नए निवास स्थान की लिखित जानकारी न्यायालय को दी। इसके बाद वे नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के निवास पहुंचे। डॉ. महंत ने उन्हें कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर कोर्ट में आवश्यक आवेदन करने की सलाह दी।
कांग्रेस नेताओं से की मुलाकात
इसके बाद लखमा पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव से मिलने राजकुमार कॉलेज पहुंचे, जहां सिंहदेव ने उनका स्वागत किया। बाद में वे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर स्थित निवास भी पहुंचे। इस दौरान भूपेश बघेल की पत्नी मुक्तेश्वरी बघेल ने लखमा की आरती उतारकर उनका अभिनंदन किया, जिससे माहौल भावुक हो गया।
जनता से जुड़े रहने का किया दावा
मीडिया से बातचीत में कवासी लखमा ने कहा कि उन्होंने अदालत के आदेश का सम्मान करते हुए 24 घंटे के भीतर राज्य छोड़ने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। उन्होंने कहा कि वे मलकानगिरी में रहते हुए भी अपने विधानसभा क्षेत्र कोंटा की जनता से जुड़े रहेंगे और जनसेवा जारी रखेंगे।
बजट सत्र को लेकर नेताओं से चर्चा
छत्तीसगढ़ छोड़ने से पहले लखमा ने रायपुर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव से भेंट कर आगामी विधानसभा बजट सत्र में अपनी उपस्थिति को लेकर चर्चा की।
एक वर्ष से अधिक समय तक रहे जेल में
कवासी लखमा 4 फरवरी को रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा हुए थे। वे कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले में एक वर्ष से अधिक समय तक जेल में रहे। यह मामला पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए करीब 3,200 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़ा बताया जा रहा है।