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Controversy over AIIMS Raipur's third convocation invitation card; MP Brijmohan Agrawal's name missing.
रायपुर। एम्स रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह से पहले आमंत्रण पत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। 2 सितंबर को होने वाले समारोह में उपराष्ट्रपति टी. रामाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। हालांकि, आमंत्रण पत्र में रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल का नाम शामिल नहीं किए जाने को लेकर भाजपा नेताओं और उनके समर्थकों में नाराजगी बताई जा रही है।
आमंत्रण पत्र में सांसद बृजमोहन अग्रवाल के अलावा एम्स सलाहकार समिति के सदस्य विजय बघेल, स्थानीय विधायक राजेश मूणत और रायपुर की महापौर मीनल चौबे का नाम भी अतिथियों की सूची में नहीं है। इसे लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।
एम्स रायपुर का तीसरा दीक्षांत समारोह 2 सितंबर को सुबह 11 बजे आयोजित किया जाएगा। समारोह में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल समेत कई प्रमुख अतिथि मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम में एम्स रायपुर के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) संजीव हांडा और कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) भी शामिल होंगे।

उपराष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए एम्स परिसर में मंच और बैठने की व्यवस्था को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम की प्रोटोकॉल व्यवस्था उपराष्ट्रपति सचिवालय के निर्देशों के अनुसार तय की जा रही है।
इसी बीच स्थानीय सांसद का नाम आमंत्रण पत्र में नहीं होने को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
बताया गया है कि पिछले वर्ष आयोजित दीक्षांत समारोह के आमंत्रण पत्र में भी सांसद बृजमोहन अग्रवाल का नाम शामिल नहीं था। उस समय भी इसे लेकर नाराजगी सामने आई थी। इससे पहले पूर्व सांसद सुनील सोनी दीक्षांत समारोह में अतिथि के रूप में मंच पर मौजूद रहते थे। खास बात यह है कि केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद स्थानीय सांसद को आमंत्रण पत्र में जगह नहीं मिलने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में एम्स रायपुर की व्यवस्थाओं और अव्यवस्थाओं से जुड़े मुद्दे उठाए थे। उन्होंने एम्स के निदेशक के समक्ष भी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए थे। ऐसे में चर्चा है कि इन घटनाक्रमों की वजह से भी आमंत्रण पत्र में उनका नाम शामिल नहीं किया गया हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
एम्स प्रबंधन से जुड़े लोगों का कहना है कि दीक्षांत समारोह में मंच और अतिथियों की व्यवस्था उपराष्ट्रपति सचिवालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार तय की गई है। प्रोटोकॉल के तहत ही मंच पर मौजूद रहने वाले अतिथियों की सूची तैयार की गई है।