

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Cyclone ‘Arnab’ is weakening over Chhattisgarh; rain is expected in several areas today as well.
रायपुर। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर छत्तीसगढ़ में अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है। पिछले दो दिनों से प्रदेश में बदले मौसम के बीच गुरुवार को अधिकतर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, तूफान का अवशेष फिलहाल दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे लगे दक्षिण ओडिशा के ऊपर अवदाब के रूप में सक्रिय है। इसके कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। इससे प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को रायपुर सहित प्रदेश के अनेक स्थानों पर बारिश होने का अनुमान जताया है। उत्तर छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात की भी संभावना है। राजधानी रायपुर में आसमान सामान्यतः मेघमय रहेगा। शहर में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, रायपुर का अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
गुरुवार को प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। वर्षा के मुख्य आंकड़ों के अनुसार, सुकमा, कोंटा, नेरहरपुर और पिथौरा में 7 सेंटीमीटर बारिश हुई। वहीं तोकापाल, दोरनापाल, बड़ेराजपुर, केशकाल, छिंदगढ़, कांकेर, कुकरेल, बलरामपुर, नगरी, बसना, सरोना, कटेकल्याण, बेलरगांव, राजिम, कुसमी, धमतरी, अमलीपदर, प्रेमनगर, देवभोग, मैनपुर, फरसगांव, गादीरास और बागबाहरा में 5 से 6 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
इसके अलावा माकड़ी, चारामा, सरायपाली, राजनांदगांव, पलारी, पेंड्रा रोड, मुकडेगा, करपावंड, लोहांडीगुड़ा, गुरुर, नानगुर, पथरिया, रायपुर, धनोरा, बलौदा, अर्जुन्दा, हसौद, छुरा और गरियाबंद में 4 सेंटीमीटर बारिश हुई। प्रदेश के कुछ अन्य स्थानों पर इससे कम वर्षा दर्ज की गई।
मौसम विभाग के मुताबिक, अवदाब लगभग 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है। गुरुवार सुबह 8.30 बजे इसका केंद्र जगदलपुर से करीब 40 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में स्थित था। इसके आगे भी उत्तर दिशा में बढ़ने की संभावना है।
अनुमान है कि 30 अक्टूबर की सुबह तक यह सिस्टम कमजोर होकर उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे लगे उत्तर-पश्चिम ओडिशा के ऊपर स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र में बदल जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।