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Deal stalled amidst Iran-Israel standoff; Trump says hope for an agreement remains.
वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। लेबनान में ईरान समर्थित ठिकानों पर इजराइल के लगातार हवाई हमलों के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ परमाणु समझौते की संभावना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और बातचीत के रास्ते खुले हुए हैं।
इजराइल के हमलों से भड़का ईरान
इजराइल द्वारा लेबनान में कई ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यदि हमले जारी रहे तो जवाबी कार्रवाई की जा सकती है। इससे पूरे क्षेत्र में संघर्ष और बढ़ने की आशंका गहरा गई है।
ट्रंप ने जताई बातचीत की उम्मीद
तनावपूर्ण हालात के बीच ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब भी ईरान के साथ समझौते की संभावनाएं तलाश रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि कूटनीतिक प्रयासों के जरिए समाधान निकाला जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने हितों और सहयोगियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।
परमाणु कार्यक्रम बना सबसे बड़ा अड़ंगा
दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण स्वीकार करे, जबकि तेहरान का कहना है कि उसका कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और वह अपने राष्ट्रीय हितों से पीछे नहीं हटेगा।
कतरी मध्यस्थता से फिर तेज हुई कूटनीति
सूत्रों के मुताबिक, कतर एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच संवाद बहाल कराने की कोशिशों में जुटा है। इसी सिलसिले में कतरी प्रतिनिधिमंडल ने तेहरान में शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि यह पहल दोनों पक्षों के बीच जमी बर्फ पिघलाने का प्रयास है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी बना विवाद
ईरान और अमेरिका के बीच मतभेद केवल परमाणु मुद्दे तक सीमित नहीं हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री गतिविधियों और तेल परिवहन को लेकर भी दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। वैश्विक ऊर्जा बाजार पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।