

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Government eyes vacant posts in new medical colleges; Health Minister seeks response from officials.
रायपुर। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान उस समय हलचल बढ गई, जब स्वास्थ्य मंत्री अचानक अधिकारियों की बैठक में पहुंच गए। सचिव की अध्यक्षता में चल रही बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मेडिकल कॉलेजों में मानव संसाधन और भर्ती व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।मंत्री ने नए मेडिकल कॉलेजों में खाली पदों की स्थिति पर जानकारी लेते हुए पूछा कि स्वीकृत पदों को समय पर कैसे भरा जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नए संस्थानों में डॉक्टरों, शिक्षकों और अन्य जरूरी कर्मचारियों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
बैठक में बताया गया कि नए मेडिकल कॉलेजों में खाली पदों को भरने के लिए करीब 900 पदों पर सीधी भर्ती का रास्ता तैयार किया जा रहा है। सरकार ने इन पदों को प्रमोशन के जरिए भरने के बजाय सीधे भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से नियुक्ति करने की दिशा में कदम बढाया है।
अधिकारियों के अनुसार प्रमोशन से संबंधित प्रक्रिया में लगने वाले समय को देखते हुए सीधी भर्ती को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे नए मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सकीय और शैक्षणिक व्यवस्था को जल्द मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि जो पद पदोन्नति के माध्यम से नहीं भरे जा सकेंगे, उन्हें खाली नहीं रखा जाएगा। ऐसे पदों को सीधी भर्ती के जरिए भरने की तैयारी है।
स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों और शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढाई के साथ मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर न पडे।
नए मेडिकल कॉलेज शुरू होने के साथ ही वहां पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराने की जरूरत पर भी बैठक में जोर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार मेडिकल कॉलेज की शुरुआत के बाद केवल शुरुआती वर्ष में ही नहीं, बल्कि आगे की कक्षाओं के संचालन के साथ भी शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की आवश्यकता लगातार बढती है।इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार पहले से मानव संसाधन की योजना तैयार करना चाहती है। नए कॉलेजों में स्वीकृत पदों, उपलब्ध कर्मचारियों और रिक्तियों की समीक्षा कर भर्ती की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि भर्ती और पदोन्नति की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। मेडिकल कॉलेजों में रिक्त पदों के कारण शिक्षा, प्रशिक्षण और मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है।बैठक में नए मेडिकल कॉलेजों की जरूरत के अनुसार पदों की समीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढाने पर भी चर्चा हुई। सरकार का फोकस अब नए संस्थानों को पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें बेहतर तरीके से संचालित करने पर है।