

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Hindus' lives saved at a Chicago temple after a rifle jammed at the critical moment
अमेरिका के शिकागो में हिंदू मंदिर में एक बड़ा जनसंहार होने से बच गया, जिसकी साजिश 19 वर्षीय किशोर एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस ने रची थी। उसका इरादा रविवार को शिकागो से 70 किलोमीटर दूर औरोरा क्षेत्र में एक हिंदू मंदिर में घुसकर भारतीय समुदाय के लोगों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने का था। हालांकि, उसकी सेमी-ऑटोमैटिक एआर स्टाइल रायफल जाम हो गई, जिसके बाद उसे वहां से भागना पड़ा। इसके बाद वह घर पहुंचा और इंटरनेट पर उस जाम रायफल को ठीक करने का तरीका खोजा। फिर उसने एक सहकर्मी को इस घटना के बारे में बताया। सहकर्मी ने तत्परता दिखाते हुए इस बारे में पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पैपोराकिस को दोबारा गोलीबारी करने से पहले मंदिर से 10 किलोमीटर दूर उसके घर से रविवार को पकड़ लिया गया।
इस घटना पर भारत सरकार ने गंभीर चिंता जताते हुए अमेरिकी प्रशासन से पूरी जांच और भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, कि औरेरा क्षेत्र में हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी करने की कथित साजिश की खबरों से भारत गहराई से चिंतित है। उन्होंने कहा, कि इस साजिश का कथित हिंदू-विरोधी और नस्लवादी स्वरूप, खासकर भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का जिक्र बेहद परेशान करने वाला है। भारत ने अमेरिकी अधिकारियों से इस मामले की पूरी जांच करने, दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की उम्मीद की है।
यह पहली बार है, जब भारत सरकार ने अमेरिका में भारतवंशियों के खिलाफ नस्लीय हिंसा और हिंदू-विरोधी साजिश पर आधिकारिक रूप से टिप्पणी की है। अमेरिका के सहायक अटार्नी जनरल हरमीत ढिल्लन ने कहा, कि जस्टिस डिपार्टमेंट का सिविल राइट्स डिवीजन इस मामले की जांच करेगा।
मीडीया रिपोर्ट के अनुसार, पैपोराकिस का इरादा श्री वेंकटेश्वर स्वामी यानि बालाजी मंदिर में हमला करने की थी। इस मंदिर में छुट्टी के दिन 3000 से ज्यादा श्रद्धालु आते हैं। इसके साथ ही नवरात्र का पहला दिन होने से अधिक संख्या में श्रद्धालु उमड़े थे। हालांकि, इस बारे में पुलिस का कहना है, कि आरोपी का सटीक निशाना कौन सा मंदिर था, इसकी जांच अभी जारी है।
आपको बता दें, कि 2 अक्टूबर 2026 को ओहायो राज्य के रिचमंड हाइट्स स्थित श्री स्वामीनारायण धाम मंदिर में तोड़फोड़ की घटना सामने आई थी। प्रेस ट्रस्ट के अनुसार, पैपोराकिस इलिनाय के पैलेटाइन इलाके का निवासी है और टैको बेल में कैशियर के रूप में काम करता था। पुलिस ने आरोपी के घर की तलाशी में एक एआर-स्टाइल कि राइफल, करीब 300 कारतूस, कई भरी हुई मैगजीन, बॉडी आर्मर, सुरक्षा कवच और पेट्रोल के डिब्बे बरामद किए हैं। इसके अलावा जांचकर्ताओं को स्वास्तिक चिन्ह और श्वेत वर्चस्ववादी विचारधारा से जुड़े दूसरे प्रतीक भी मिले हैं। पुलिस ने आरोपी से जुड़ा आठ पन्नों का एक कथित घोषणापत्र भी देखा, जिसका शीर्षक "वाय आइ फाट: ए.के.ए. (औरोरा शूटर का घोषणापत्र)" बताया गया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस घोषणापत्र में भारतीय, यहूदी और अश्वेत लोगों के खिलाफ नस्लवादी भाषा और बड़े पैमाने पर हत्या की योजना का उल्लेख था।