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Impact of Cyclone ‘Arnab’ in Chhattisgarh: Red alert issued for 5 districts; warning of heavy rainfall until tomorrow.
रायपुर। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदल गया है। आंध्र प्रदेश और यानम तट के करीब पहुंचे चक्रवात का असर प्रदेश में दिखाई देने लगा है। राजधानी रायपुर में मंगलवार को समुद्र से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, वहीं आसमान में बादल छाए रहे। बस्तर संभाग में बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने 28 और 29 अक्टूबर को प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।
मौसम की गंभीरता को देखते हुए कई जिलों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट घोषित किए गए हैं। वहीं, विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर जिला कलेक्टरों को स्कूलों में अवकाश घोषित करने का अधिकार दिया गया है। कुछ जिलों में स्कूल बंद रखने का निर्णय भी लिया गया है। चक्रवात के संभावित प्रभाव से रेल परिचालन पर भी असर पड़ा है।
मौसम विभाग के अनुसार, 28 अक्टूबर को दक्षिणी और मध्य छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ परिस्थितियों में यह 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है।
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।
रेड अलर्ट: बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और कोंडागांव।
ऑरेंज अलर्ट: कांकेर, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, मुंगेली और सारंगढ़-बिलाईगढ़।
येलो अलर्ट: सरगुजा, जशपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, रायगढ़, सक्ती, कोरबा, जांजगीर-चांपा और नारायणपुर।
मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
रेड अलर्ट: कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर और बलरामपुर।
ऑरेंज अलर्ट: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा और जांजगीर-चांपा।
येलो अलर्ट: सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर, बीजापुर और नारायणपुर।
राजधानी रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में 28 अक्टूबर को आसमान सामान्यतः मेघमय रहने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। शहर में अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में मौसम शुष्क रहा। इस अवधि में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रहा।
चक्रवाती तूफान के संभावित प्रभाव को देखते हुए दक्षिण तट रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और रेल परिचालन के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, केके लाइन पर चलने वाली ट्रेनों सहित कुल 56 ट्रेन सेवाओं को रद्द या पुनर्निर्धारित किया गया है, जबकि 15 ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है। ये बदलाव 27, 28 और 29 अक्टूबर के लिए घोषित किए गए हैं।
रेलवे अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और आपातकालीन नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर लें और पर्याप्त समय लेकर स्टेशन पहुंचें।
भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला कलेक्टरों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार शासकीय और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित करने का अधिकार दिया है। कलेक्टर अपने जिले में मौसम की स्थिति का आकलन कर विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्णय ले सकेंगे।
चक्रवात के खतरे को देखते हुए कोंडागांव, सुकमा और गरियाबंद में स्कूलों में छुट्टी घोषित किए जाने की जानकारी दी गई है। वहीं, कांकेर में जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर सभी स्कूलों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है।
मौसम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क है। कांकेर में कलेक्टर अमित कुमार के निर्देश पर झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत शिविरों में भोजन तथा जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। कई क्षेत्रों में सुबह से बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की सूचना है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले दो दिनों तक प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर मध्यम बारिश होने की संभावना है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक, वज्रपात और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर हवा की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने, बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित जगह पर रहने तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।