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India's golden run at the Asian Games: 6 gold medals in a single day... the Tricolour reigned supreme from hockey to boxing.
जापान। आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स में भारत के लिए शुक्रवार का दिन बेहद खास रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक ही दिन 6 स्वर्ण समेत कुल 10 पदक अपने नाम किए। बॉक्सिंग, कुश्ती, तीरंदाजी और महिला हॉकी में भारत ने दमदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में 76 पदकों के साथ पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। भारत के खाते में अब 16 स्वर्ण, 25 रजत और 35 कांस्य पदक हैं।
भारत के लिए बॉक्सिंग में शुक्रवार सबसे ज्यादा यादगार रहा। लवलीना बोरगोहेन, परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल ने अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किए। एशियन गेम्स के इतिहास में यह पहली बार है जब भारतीय मुक्केबाजों ने एक ही संस्करण में तीन गोल्ड जीते हैं।लवलीना ने 75 किग्रा वर्ग के फाइनल में चीन की बाओ जियी को 5-0 से मात दी। इस जीत के साथ उन्होंने महिला बॉक्सिंग में भारत को 12 साल बाद स्वर्ण दिलाया। इससे पहले 2014 में मैरीकॉम ने एशियन गेम्स में गोल्ड जीता था।
लवलीना के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने अपने 29वें जन्मदिन पर स्वर्ण पदक हासिल किया। फाइनल में उनकी रणनीति साफ थी। उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी को करीब आने का मौका नहीं दिया और दूरी बनाकर सटीक पंच लगाए।लवलीना ने बताया कि बाओ करीब आकर हमला करने में माहिर हैं। इसलिए उन्होंने पूरे मुकाबले में दूरी बनाए रखने पर ध्यान दिया। सेमीफाइनल की चुनौती से मिले अनुभव और फुटवर्क पर की गई मेहनत ने फाइनल में उन्हें फायदा पहुंचाया।
परवीन हुड्डा के लिए यह पदक वापसी की कहानी भी है। 2022 एशियन गेम्स का ब्रॉन्ज पदक सस्पेंशन के बाद उनसे छिन गया था। इसके बाद परिवार में पिता की बीमारी जैसी मुश्किल परिस्थितियां भी आईं, लेकिन उन्होंने खेल से दूरी नहीं बनाई।परवीन ने वापसी की और इस बार सीधे स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। उनके प्रदर्शन ने दिखाया कि लंबे संघर्ष के बाद भी लक्ष्य पर नजर रखी जाए तो वापसी संभव है।
80 किग्रा वर्ग में अंकुश पंघाल ने भी भारत के लिए गोल्ड जीता। इससे पहले वह कॉमनवेल्थ गेम्स में भी स्वर्ण पदक हासिल कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि पिछले आठ महीनों से उन्होंने ट्रेनिंग कैंप में रहकर तैयारी की थी। उनके लिए यह दौर करियर के सबसे महत्वपूर्ण समय में से एक रहा।
कुश्ती के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में हरियाणा के सुजीत कलकल ने असाधारण वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीता। मुकाबले के आखिरी डेढ़ मिनट में वह ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव से 2-9 से पीछे चल रहे थे।ऐसे समय में सुजीत ने लगातार आक्रमण किया और टेकडाउन के जरिए जरूरी अंक जुटाए। देखते ही देखते उन्होंने मुकाबला 10-9 से अपने नाम कर लिया। यह जीत भारतीय कुश्ती के लिए दिन की बड़ी उपलब्धियों में शामिल रही।
महिला रिकर्व टीम ने भी भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। अंकिता भकत, कुमकुम मोहोड़ और कीर्ति शर्मा की टीम ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया।दक्षिण कोरिया तीरंदाजी में लंबे समय से मजबूत टीमों में शामिल रहा है और उसके पास 10 ओलिंपिक खिताब हैं। ऐसे प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ भारतीय टीम की जीत को बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा गया।इस जीत के पीछे खिलाड़ियों के परिवारों का संघर्ष भी जुड़ा है। अंकिता की मां ने बेटी की जीत के लिए निर्जला उपवास रखा था। वहीं कीर्ति के पिता ने बेटी के लिए पहला धनुष खरीदने के लिए 60 हजार रुपए का कर्ज लिया था।
दिन का सबसे भावुक और ऐतिहासिक पल महिला हॉकी टीम की जीत के साथ आया। भारतीय टीम ने मौजूदा चैंपियन चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।भारत को यह गोल मिला और इसके बाद रक्षापंक्ति ने चीन को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। मुकाबले के 23वें मिनट में चीन को पेनल्टी स्ट्रोक मिला, लेकिन भारतीय गोलकीपर सविता पूनिया ने शानदार बचाव करते हुए खतरा टाल दिया।भारतीय महिला हॉकी टीम ने 1982 के बाद पहली बार एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है। इससे पहले टीम 1998 और 2018 में फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन गोल्ड हासिल नहीं कर सकी थी।
महिला हॉकी में एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक भारत के लिए दोहरी खुशी लेकर आया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन हासिल कर लिया है।
भारत के लिए शुक्रवार की उपलब्धियां केवल छह स्वर्ण पदकों तक सीमित नहीं रहीं। तीरंदाजी की मिक्स्ड रिकर्व टीम स्पर्धा में कुमकुम और धीरज ने रजत पदक जीता। रिकर्व टीम स्पर्धा में धीरज, नीरज और यशदीप ने भी रजत हासिल किया। सेलिंग में नेत्रा कुमानन ने कांस्य पदक जीता, जबकि सेपक टकरा में भारतीय पुरुष टीम ने कांस्य अपने नाम किया।इस तरह भारत ने एक ही दिन 10 पदक जीतकर एशियन गेम्स में अपनी पदक संख्या को 76 तक पहुंचा दिया।