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India takes a big leap in the AI race, reaches third place in the world in Stanford report
BREAKING NEWS; भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में तेज़ी से वैश्विक ताकत बनकर उभर रहा है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की लेटेस्ट Global AI Vibrancy Tool रिपोर्ट में भारत ने बड़ी छलांग लगाते हुए तीसरा स्थान हासिल कर लिया है। यह भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि पिछले साल इसी सूची में भारत सातवें पायदान पर था।
रिपोर्ट के अनुसार
रिपोर्ट के अनुसार, भारत का AI वाइब्रेंसी स्कोर 21.59 रहा है। इस सूची में भारत से आगे केवल संयुक्त राज्य अमेरिका पहले और चीन दूसरे स्थान पर हैं। खास बात यह है कि भारत ने इस रैंकिंग में ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया, जापान, जर्मनी और फ्रांस जैसे कई विकसित देशों को पीछे छोड़ दिया है।
स्टैनफोर्ड की यह रैंकिंग कई अहम मानकों के आधार पर तैयार की जाती है। इनमें AI रिसर्च और डेवलपमेंट, तकनीकी टैलेंट, निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, सरकारी नीतियां और AI को अपनाने की क्षमता जैसे पहलू शामिल हैं। इन सभी पैमानों पर भारत के प्रदर्शन में पिछले एक साल में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
भारत की इस प्रगति के पीछे सबसे बड़ा कारण यहां उपलब्ध तकनीकी प्रतिभा का विशाल आधार है। बड़ी संख्या में इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट और AI विशेषज्ञ भारत को वैश्विक AI हब के रूप में मजबूत बना रहे हैं। इसके साथ ही देश में AI स्टार्टअप्स और टेक कंपनियों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिससे नवाचार और निवेश को बढ़ावा मिला है।
सरकार की ओर से भी AI सेक्टर को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। डिजिटल इंडिया, नेशनल AI मिशन और टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली नीतियों ने भारत में AI के विकास को गति दी है। इन पहलों की वजह से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रक्षा और उद्योग जैसे क्षेत्रों में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।
कुल मिलाकर, यह रैंकिंग साफ दिखाती है कि भारत अब केवल AI का उपयोग करने वाला देश नहीं रह गया है, बल्कि AI के विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में एक मजबूत खिलाड़ी बन चुका है। आने वाले वर्षों में भारत के AI सेक्टर में और तेज़ प्रगति की उम्मीद की जा रही है।