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Invest by tomorrow, otherwise you will not get the benefit of tax exemption.
कानपुर। वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन से पहले करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण समय आ गया है। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि जो लोग पुरानी कर प्रणाली का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें 31 मार्च तक अपने सभी जरूरी निवेश और खर्च पूरे करने होंगे, अन्यथा आयकर में मिलने वाली छूट से वंचित होना पड़ सकता है।
कर विशेषज्ञ एडवोकेट संतोष कुमार गुप्ता के अनुसार, निर्धारित समयसीमा के भीतर निवेश नहीं करने पर करदाताओं को आकलन वर्ष 2026-27 के लिए टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलेगा।
धारा 80C के तहत मिलती है राहत
Section 80C of Income Tax Act के तहत करदाता अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक की कटौती का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए कई निवेश विकल्प उपलब्ध हैं, जैसे—
- एलआईसी प्रीमियम
- पीपीएफ (पब्लिक प्रोविडेंट फंड)
- ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि)
- सुकन्या समृद्धि योजना
- बच्चों की ट्यूशन फीस
- होम लोन के मूलधन का भुगतान
स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी छूट
मेडिक्लेम के तहत सामान्य करदाताओं को 25,000 रुपये और वरिष्ठ नागरिकों को 50,000 रुपये तक की छूट मिलती है। वहीं, उच्च शिक्षा के लिए लिए गए ऋण पर ब्याज की पूरी राशि पर कटौती का लाभ मिलता है।
होम लोन पर अतिरिक्त फायदा
होम लोन के ब्याज पर भी अलग से टैक्स छूट का प्रावधान है, जिससे करदाता अपनी टैक्स देनदारी कम कर सकते हैं।
नई कर प्रणाली में अलग व्यवस्था
विशेषज्ञों के मुताबिक, नई कर प्रणाली में वेतनभोगी व्यक्तियों की 12.75 लाख रुपये तक और गैर-वेतनभोगियों की 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई कर नहीं लगता, लेकिन इसमें अधिकांश कटौतियों का लाभ नहीं मिलता।
समयसीमा का रखें ध्यान
कर विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि अंतिम समय की जल्दबाजी से बचने के लिए करदाता समय रहते अपने निवेश और दस्तावेज पूरे कर लें, ताकि आयकर में अधिकतम छूट का लाभ उठाया जा सके।