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It is necessary to take up arms to destroy unrighteousness: Director Ashwani Kumar on 'Mahavatar Parashurama'
मुंबई। ‘महावतार परशुराम’ के फर्स्ट लुक में दिखाई गई जबरदस्त हिंसा को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज है। अब फिल्म के निर्देशक अश्विनी कुमार ने इस हिंसक प्रस्तुति के पीछे की सोच और दर्शन को विस्तार से समझाया है। उनका कहना है कि यह केवल दृश्य प्रभाव पैदा करने के लिए नहीं, बल्कि धर्म की रक्षा और अधर्म के विनाश के प्रतीक के रूप में दिखाया गया है।
“हमारे शास्त्र सुंदर हैं, इसलिए हमारे पास शस्त्र भी हैं”
क्लीम प्रोडक्शंस द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में अश्विनी कुमार प्रकृति और मानव स्वभाव के दोहरे पक्ष की बात करते नजर आते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में हर सुंदरता के साथ शक्ति और रक्षा का तत्व भी जुड़ा होता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जंगल में फूल होते हैं, लेकिन उनके नीचे कांटे भी मौजूद रहते हैं। हिरण सुंदर होता है, लेकिन उसके सिर पर सींग भी होते हैं। इसी तरह भारतीय संस्कृति में शास्त्रों के साथ शस्त्रों का भी महत्व है।
निर्देशक ने कहा,“जब धर्म पर संकट आता है, तब रक्षा के लिए शस्त्र उठाना जरूरी हो जाता है। इसी कारण भगवान भी अवतार लेते हैं।”
श्रीकृष्ण और परशुराम का उदाहरण देकर समझाई अवधारणा
अश्विनी कुमार ने महाभारत और पुराणों का उल्लेख करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र में स्वयं श्री कृष्ण ने अर्जुन को हथियार उठाने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने भगवान परशुराम का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने 21 बार अधर्म का नाश किया था।
निर्देशक के मुताबिक, यह केवल ऐतिहासिक या पौराणिक कथा नहीं, बल्कि आज के समय में भी प्रासंगिक विचारधारा है।
‘महावतार सिनेमैटिक यूनिवर्स’ का दूसरा बड़ा अध्याय
‘महावतार परशुराम’ महत्वाकांक्षी महावतार सिनेमैटिक यूनिवर्स का दूसरा भाग है। इससे पहले महावतार नरसिम्हा ने अपने भव्य विजुअल्स और आध्यात्मिक प्रस्तुति से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई थी।
फिल्म को लेकर दर्शकों की भावनात्मक जुड़ाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा रहा है कि पिछली फिल्म के दौरान कई सिनेमाघरों में लोग जूते उतारकर प्रवेश कर रहे थे और मंत्रोच्चार करते दिखाई दिए थे।
बड़े पौराणिक प्रोजेक्ट्स की सूची में शामिल
‘महावतार परशुराम’ को भारतीय सिनेमा के बड़े पौराणिक और विजुअल प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है। यह फिल्म कल्कि 2898 AD और रामायण आधारित फिल्मों जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स की कतार में देखी जा रही है। फिल्म को Hombale Films प्रस्तुत कर रही है, जिसने पहले KGF, सालार और कांतारा जैसी सफल फिल्में दी हैं।
दमदार टीम के साथ तैयार हो रही फिल्म
फिल्म का निर्देशन अश्विनी कुमार ने किया है, जबकि निर्माण विजय किरागांदुर और शिल्पा धवन ने संभाला है। संगीत की जिम्मेदारी Sam CS ने निभाई है। दर्शकों को अब इस पौराणिक यूनिवर्स के अगले अध्याय का बेसब्री से इंतजार है।