

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Major cyber fraud expose: ₹1,071 crore fraud via 1,754 mule accounts; ₹16 crore sent to China.
गांधीनगर। गुजरात के साइबर सेंटर ऑफ एक्सलेंस ने साइबर धोखाधड़ी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया है कि असम के बारपेटा से संचालित इस नेटवर्क के जरिए भारत में साइबर ठगी कर करोड़ों रुपये क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से चीन भेजे जा रहे थे। मामले में पुलिस ने रफीकुल आलम को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, रफीकुल आलम साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट से जुड़े 1,754 म्यूल बैंक खातों को ऑपरेट करने वाले नेटवर्क का प्रमुख सदस्य था। साइबर सेंटर ने अब तक करीब 500 खातों की जांच की है, जिनके जरिए लगभग 1,071 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का पता चला है।
साइबर सेंटर ऑफ एक्सलेंस के पुलिस अधीक्षक विवेक भेडा के अनुसार, एक पीड़ित की शिकायत की जांच के दौरान ठगी में इस्तेमाल बैंक खाते की जानकारी जुटाई गई। जांच आगे बढ़ने पर इन खातों का कनेक्शन रफीकुल आलम से मिला।
पुलिस ने आरोपी से 23 क्रिप्टो अकाउंट बरामद किए हैं। इन खातों के जरिए करीब 16 करोड़ रुपये क्रिप्टोकरेंसी के रूप में चीन में बैठे उसके कथित आका को ट्रांसफर किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेन-देन की भी जांच कर रही है।
आरोपी की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को एक और चौंकाने वाली जानकारी मिली। रफीकुल आलम ने अलग-अलग राज्यों के 10 लोगों को कथित तौर पर डिजिटल अरेस्ट कर रखा था। इनमें गुजरात के पांच पीड़ित भी शामिल थे।
गुजरात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी पीड़ितों को डिजिटल अरेस्ट से मुक्त कराया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद पीड़ितों की ठगी गई लाखों रुपये की रकम भी वापस दिलाई गई।
साइबर सेंटर ऑफ एक्सलेंस ने अभी आरोपी से जुड़े 1,754 म्यूल खातों में से करीब 500 खातों की ही जांच पूरी की है। इन खातों की शुरुआती जांच में ही 1,071 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का पता चला है।
पुलिस अब बाकी खातों की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर साइबर ठगी की रकम, क्रिप्टो लेन-देन और चीन से जुड़े नेटवर्क के बारे में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।