

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Navratri Special: From ‘Nagada Sang Dhol’ to ‘Dola Re Dola’ – 7 spectacular songs by Sanjay Leela Bhansali.
मुंबई। नवरात्रि का त्योहार आते ही चारों ओर गरबा, डांडिया, ढोल की थाप और रंग-बिरंगे परिधानों की रौनक दिखाई देने लगती है। इस खास मौके पर बॉलीवुड के उन गानों की याद भी ताजा हो जाती है, जो सालों से लोगों के उत्साह को दोगुना करते आ रहे हैं। जब भारतीय लोक संगीत, भव्य दृश्य और शानदार नृत्य की बात होती है, तो फिल्मकार संजय लीला भंसाली का नाम प्रमुखता से सामने आता है। उनकी फिल्मों के गाने न केवल संगीत प्रेमियों के बीच लोकप्रिय हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं की खूबसूरती को भी पर्दे पर जीवंत करते हैं।
संजय लीला भंसाली अपनी फिल्मों में संगीत, भावनाओं और भव्यता को खास महत्व देते हैं। उनकी फिल्मों में गुजराती लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य और शास्त्रीय कलाओं की झलक देखने को मिलती है। यही वजह है कि उनके कई गाने त्योहारों और खास मौकों का हिस्सा बन चुके हैं। नवरात्रि के अवसर पर आइए नजर डालते हैं भंसाली की फिल्मों के सात ऐसे गानों पर, जो अपने संगीत, नृत्य और शानदार प्रस्तुति के कारण आज भी लोगों के पसंदीदा हैं।
नवरात्रि के जोश और उत्साह की बात हो, तो दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह पर फिल्माया गया गाना ‘नगाड़ा संग ढोल’ सबसे पहले याद आता है। ढोल की तेज थाप, गुजराती संगीत और दीपिका के ऊर्जावान डांस ने इस गाने को खास पहचान दिलाई। गरबा और डांडिया के आयोजनों में इसकी धुन आज भी लोगों को थिरकने के लिए मजबूर कर देती है।
.jpeg)
आलिया भट्ट पर फिल्माया गया ‘ढोलिड़ा’ पारंपरिक गरबा और आधुनिक सिनेमाई अंदाज का शानदार मेल है। गाने में ढोल की गूंज, पारंपरिक डांस स्टेप्स और आलिया का दमदार प्रदर्शन देखने को मिलता है। इसकी जोशीली धुन नवरात्रि के जश्न के लिए खास माहौल तैयार करती है।
.jpeg)
‘झूमे गोरी’ में लोक संगीत की मिठास और पारंपरिक उत्सव की झलक देखने को मिलती है। गाने की लय, रंगीन दृश्य और नृत्य इसे एक आकर्षक सिनेमाई अनुभव बनाते हैं। इसकी धुन नवरात्रि के माहौल के साथ आसानी से मेल खाती है और उत्सव की खुशियों को बढ़ाती है।

दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह पर फिल्माया गया ‘लहू मुंह लग गया’ रोमांस और गुजराती संस्कृति का खूबसूरत संगम है। रंग-बिरंगे परिधान, लोक संगीत से प्रेरित धुन और शानदार दृश्य इस गाने को खास बनाते हैं। यह गाना भंसाली की उस शैली को दर्शाता है, जिसमें संगीत और कहानी एक-दूसरे से गहराई से जुड़े रहते हैं।

गुजराती लोकगीत से प्रेरित ‘मोर बनी थनगाट करे’ भारतीय लोक संगीत की खूबसूरती को सामने लाता है। पारंपरिक धुन को भव्य संगीत संयोजन के साथ पेश किया गया है, जिससे इसकी सांस्कृतिक पहचान और भी आकर्षक बन जाती है। गुजराती परंपराओं और लोक कला से जुड़ा यह गाना नवरात्रि के रंग में रंगने के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।

नवरात्रि और गरबा की चर्चा ‘ढोली तारो ढोल बाजे’ के बिना अधूरी मानी जाती है। फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ का यह लोकप्रिय गाना ऐश्वर्या राय बच्चन और सलमान खान पर फिल्माया गया है। ढोल की तेज थाप, पारंपरिक गुजराती परिधान और जोशीले गरबा ने इसे हिंदी सिनेमा के यादगार गीतों में शामिल कर दिया है। रिलीज के वर्षों बाद भी यह गाना नवरात्रि के आयोजनों में खूब पसंद किया जाता है।
.jpeg)
फिल्म ‘देवदास’ का ‘डोला रे डोला’ अपने भव्य फिल्मांकन और शानदार नृत्य के लिए मशहूर है। माधुरी दीक्षित और ऐश्वर्या राय बच्चन की जोड़ी ने इस गाने में अपनी अद्भुत नृत्य प्रतिभा से दर्शकों का दिल जीत लिया। यह गाना गुजराती गरबा पर आधारित नहीं है, बल्कि इसमें बंगाली सांस्कृतिक और नृत्य परंपराओं की झलक देखने को मिलती है। इसके बावजूद संगीत, नृत्य और भव्यता इसे त्योहारों के उत्सवी माहौल के लिए यादगार बनाते हैं।

संजय लीला भंसाली की फिल्मों की सबसे बड़ी विशेषता भारतीय संस्कृति, संगीत और भावनाओं को भव्य अंदाज में प्रस्तुत करना है। उनकी फिल्मों के गीत केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहते, बल्कि लोक परंपराओं, शास्त्रीय कला और भारतीय नृत्य की विविधता को भी सामने लाते हैं। यही वजह है कि उनके कई गाने समय के साथ अपनी लोकप्रियता बनाए हुए हैं।
अब दर्शकों को उनकी आगामी फिल्म ‘लव एंड वॉर’ से भी काफी उम्मीदें हैं। भंसाली के शानदार फिल्मी सफर को देखते हुए प्रशंसक एक बार फिर उनके खास संगीत, भावनात्मक कहानी और भव्य सिनेमाई प्रस्तुति का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल, नवरात्रि के इस खास मौके पर ‘नगाड़ा संग ढोल’, ‘ढोलिड़ा’ और ‘ढोली तारो ढोल बाजे’ जैसे गाने त्योहार की रौनक बढ़ाने के लिए बेहतरीन विकल्प हैं।