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Negligence in the construction of National Highway-930... potholes in several places; four sub-engineers transferred.
राजनांदगांव। मोहला संभाग में नेशनल हाईवे-930 के निर्माण और सड़क चौड़ीकरण में लापरवाही के आरोप सामने आए हैं। कई स्थानों पर सड़क का काम अब तक अधूरा है, जबकि बनी हुई सड़क भी जगह-जगह से उखड़ने लगी है। गड्ढों के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और कई हादसे भी हो चुके हैं। निर्माण की गुणवत्ता को लेकर मिली शिकायतों के बाद विभाग ने चार सब इंजीनियरों का तबादला कर दिया है। वहीं, ठेकेदार से भी जवाब मांगा गया है।
मोहला संभाग में लंबे समय से पदस्थ चार सब इंजीनियरों को राज्य शासन ने दूसरे जिलों में स्थानांतरित किया है। इनमें ओम प्रकाश खिलाड़ी और उत्तम कुमार सिंह को कवर्धा, अश्विनी यदु को दुर्ग तथा सत्यम कुमार ध्रुव को कांकेर भेजा गया है।बताया गया है कि नेशनल हाईवे-930 के निर्माण के दौरान इन अधिकारियों की निगरानी में काम हुआ था। निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिलने के बाद विभाग ने संबंधित सब इंजीनियरों से जवाब भी तलब किया है। हालांकि, तबादले को अपने आप में किसी अधिकारी के दोषी होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
नेशनल हाईवे के निर्माण में लापरवाही के आरोपों के बीच सड़क के कई हिस्सों में अब तक काम पूरा नहीं हुआ है। कुछ स्थानों पर सड़क की परत उखड़ गई है, तो कई जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। इन हालात में वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है।सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भाजपा नेता भरत वर्मा ने भी शिकायत की थी। इसके बाद जांच दल ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का जायजा लिया और अपनी रिपोर्ट राज्य शासन को भेजी। ठेकेदार कन्हैयालाल अग्रवाल को जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इसी ठेकेदार को सड़क चौड़ीकरण का काम भी सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है।
राजनांदगांव-अंबागढ़ चौकी मार्ग पर चौड़ीकरण के लिए खोदे गए गड्ढे राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। सड़क के कई हिस्सों में खुदाई के बाद न तो चेतावनी संकेतक लगाए गए हैं और न ही बेरिकेडिंग की गई है। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से वाहन चालकों को गड्ढे दिखाई नहीं देते और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।स्थानीय लोगों के अनुसार, बाइक सवार आए दिन इन गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं। रविवार शाम करीब 7:30 बजे भी अंबागढ़ चौकी के बिहरी कला के पास एक युवक बाइक समेत गड्ढे में गिर गया, जिससे वह घायल हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद सड़क पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
निर्माण कार्य में कथित लापरवाही और सुरक्षा उपायों की कमी को लेकर लोक निर्माण विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। सड़क चौड़ीकरण के दौरान खुदाई वाले हिस्सों को सुरक्षित करना, संकेतक लगाना और रात में आवाजाही के लिए जरूरी इंतजाम करना महत्वपूर्ण है। इन व्यवस्थाओं के अभाव में राहगीरों को जोखिम उठाना पड़ रहा है।
राजनांदगांव-मोहला मानपुर सड़क के करीब 290 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य में कथित भ्रष्टाचार और गुणवत्ता में कमी के आरोपों की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) से कराने की मांग भी उठी है।शहर कांग्रेस के पूर्व महामंत्री हेमंत ओस्तवाल ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और लोक निर्माण विभाग के सचिव को पत्र लिखकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। इससे पहले मिली शिकायत के आधार पर 3 अक्टूबर को लोक निर्माण विभाग के चार अधिकारियों की जांच समिति बनाई गई थी। समिति को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपनी थी।अब मामले में जांच रिपोर्ट, निर्माण की गुणवत्ता और ठेकेदार की जवाबदेही को लेकर आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि नए अधिकारियों की पदस्थापना के बाद सड़क निर्माण में सुधार होगा और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।