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New twist in the case of rape of a minor, two accused arrested; Chowki-in-charge suspended for negligence
रायपुर। रायपुर ग्रामीण क्षेत्र में नाबालिग बालिका से कथित दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने दोबारा जांच के बाद बड़ी कार्रवाई की है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक अन्य संदिग्ध की तलाश जारी है। वहीं शुरुआती जांच में गंभीरता नहीं बरतने के आरोप में सिलयारी चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, मामले की दोबारा विवेचना के बाद पाक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया। जांच में अपराध की पुष्टि होने पर ईश्वर घृतलहरे और टाकेश्वर मानिकपुरी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि एक अन्य संदिग्ध की भूमिका की भी जांच की जा रही है और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक प्रारंभिक जांच के दौरान नाबालिग ने किसी भी प्रकार की घटना से इनकार किया था। इसके आधार पर मामले को समाप्त करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसी बीच एक वीडियो सामने आया, जिसमें पीड़िता के दादा कथित रूप से मामले को दबाने के बदले रुपये लेते हुए दिखाई दिए। वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने खारिजी प्रस्ताव निरस्त कर पुनः जांच के निर्देश दिए।दोबारा बयान और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
मामले में पुलिस विभाग ने माना कि सिलयारी चौकी प्रभारी जितेंद्र दुबे ने स्थानीय स्तर पर मिल रही सूचनाओं और सामाजिक संकेतों को गंभीरता से नहीं लिया। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने मामले को केवल औपचारिक कानूनी प्रक्रिया तक सीमित रखा, जिससे अपराध के सही आकलन में कमी रह गई।इसी आधार पर पुलिस अधीक्षक ने उन्हें निलंबित कर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से संबद्ध कर दिया है।
इस मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर ग्रामीण लगातार पुलिस प्रशासन पर सवाल उठा रही थी। कांग्रेस नेताओं ने धरसीवां थाना घेराव, प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी दी थी। पार्टी का दावा है कि जनदबाव और लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन को मामले की दोबारा जांच कर कार्रवाई करनी पड़ी।
पुलिस का कहना है कि मामले में फरार आरोपी की तलाश की जा रही है। साथ ही वीडियो और अन्य साक्ष्यों की भी जांच जारी है। अधिकारियों के मुताबिक यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी पाक्सो एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी और चौकी प्रभारी के निलंबन के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि फरार आरोपी कब तक पुलिस की गिरफ्त में आता है और जांच में आगे कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं।