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Opposition's outrage against the Election Commission intensifies; leaders take to the streets from Delhi to Bengaluru.
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहा है। गुरुवार को कांग्रेस समेत इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन किया। नेताओं ने पहले एक साथ लंच किया और फिर बसों से राजघाट पहुंचे। वहां महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को राजघाट परिसर में प्रवेश के लिए करीब एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान सभी नेता बसों में ही बैठे रहे।विपक्ष का विरोध शुक्रवार को भी जारी रहने की संभावना है। इंडिया ब्लॉक के घटक दलों के साथ युवा कांग्रेस ने भी प्रदर्शन की तैयारी की है। यूथ कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होनी है।
प्रदर्शन की बढ़ती गतिविधियों के बीच दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय और उनके आवास की सुरक्षा बढ़ाई गई है। 9 और 10 अक्टूबर को सुरक्षा एजेंसियों की अतिरिक्त तैनाती की जानकारी सामने आई है। सीआरपीएफ की टुकड़ियों की तैनाती की भी खबर है। इन परिस्थितियों में राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।उधर, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। इसी बीच बेंगलुरु, लखनऊ और पटना में भी विरोध कार्यक्रम आयोजित किए गए। बेंगलुरु में हुए प्रदर्शन में यूट्यूबर ध्रुव राठी और अभिनेता प्रकाश राज शामिल हुए।
इंडिया ब्लॉक के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपनी शिकायतें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सामने रखने की तैयारी कर रहे हैं। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, विपक्ष ने राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगा है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि विपक्ष शुक्रवार तक इंतजार करेगा।
कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान ध्रुव राठी ने अपने दौरे की फंडिंग को लेकर उठ रहे सवालों पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उन्हें न तो इलॉन मस्क और न ही जॉर्ज सोरोस ने पैसे दिए हैं। वह अपने खर्च पर प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे हैं।राठी ने कहा कि वोट चोरी का मुद्दा किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक के अधिकार से जुड़ा है। उन्होंने भाजपा समर्थकों से भी इस विषय पर आवाज उठाने की अपील की।
विपक्ष के विरोध के बीच 42 सेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने संयुक्त पत्र जारी कर चुनाव आयोग का समर्थन किया है। पत्र में एसआईआर प्रक्रिया को उचित बताते हुए कहा गया कि संवैधानिक संस्थाओं पर बिना प्रमाण आरोप लगाने से लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो सकती है। इस घटनाक्रम ने चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत के दौरान चुनाव की निष्पक्षता को लोकतंत्र के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह न तो विपक्ष के साथ हैं और न ही सरकार के पक्ष में। जोशी ने कहा कि जनता की, जनता के लिए और जनता द्वारा संचालित सरकार की व्यवस्था तभी कायम रह सकती है, जब चुनाव निष्पक्ष हों। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के लोकतंत्र संबंधी विचारों का भी उल्लेख किया।
रायपुर। मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, वोट चोरी के आरोपों और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर इंडिया ब्लॉक के सहयोगी दलों ने बुधवार को रायपुर में विरोध प्रदर्शन किया। घड़ी चौक स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के पास आयोजित धरने में कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, समाजवादी पार्टी और सिविल सोसाइटी से जुड़े लोग शामिल हुए।प्रदर्शन का नेतृत्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन और ग्रामीण अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने किया। प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे, तख्तियां और तिरंगा लेकर नारेबाजी की।
उन्होंने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की जांच कराने, पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई।धरने के बाद घड़ी चौक से मशाल रैली निकाली गई। रैली शास्त्री चौक से होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची, जहां महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन समाप्त हुआ। इस दौरान नेताओं ने एसआईआर प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठाए।कार्यक्रम में प्रमोद दुबे, विकास उपाध्याय, आनंद कुकरेजा, अनीता शर्मा, कुलदीप जुनेजा, एजाज ढेबर, पंकज शर्मा और नंदलाल देवांगन समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। आनंद कुकरेजा काला झंडा लेकर पहुंचे, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मशाल रैली के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया।