

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

PMO active on Shriram temple donation embezzlement case, Trust officials reached Ayodhya
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की राशि से जुड़े कथित गबन प्रकरण ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। मामला सामने आने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने पूरी घटना पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इसी क्रम में ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य नृपेंद्र मिश्र अयोध्या पहुंचे और स्थिति की समीक्षा की।
अयोध्या पहुंचने के बाद नृपेंद्र मिश्र ने मंदिर परिसर में ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान दानपात्र से जुड़ी धनराशि के कथित गबन, जांच की मौजूदा स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। हालांकि मीडिया के सवालों पर उन्होंने कोई सीधा जवाब देने से परहेज किया।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में आधा दर्जन से अधिक संदिग्ध कर्मियों से पूछताछ की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ स्थानों से बड़ी रकम बरामद की गई है। प्रारंभिक संकेतों के मुताबिक यह गबन लंबे समय से आपसी मिलीभगत के जरिए किया जा रहा था, जिससे दानपात्र की राशि की नियमित निगरानी के बावजूद गड़बड़ी पकड़ में नहीं आ सकी।
घटना के बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और दान प्रबंधन प्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। ट्रस्ट अब वित्तीय पारदर्शिता और निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पीएमओ की निगरानी और ट्रस्ट की आंतरिक जांच दोनों को अहम माना जा रहा है। 13 जून को होने वाली आगामी बैठक में इस प्रकरण पर और विस्तृत समीक्षा होने की संभावना है।फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि गबन की वास्तविक राशि और जिम्मेदारों की पूरी भूमिका कब तक सामने आती है।