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Pickpockets wreak havoc during Mahakal's royal procession: Over 50 devotees fall victim to theft; police suspect a gang of women.
उज्जैन। सावन के पहले सोमवार को भगवान महाकाल की भव्य शाही सवारी में जहां लाखों श्रद्धालु आस्था और भक्ति में डूबे नजर आए, वहीं भीड़ का फायदा उठाकर जेबकतरों और चेन स्नेचरों ने दर्जनों लोगों को अपना निशाना बना लिया। सवारी मार्ग और महाकाल मंदिर परिसर में दर्शन के दौरान 50 से अधिक श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन, पर्स, नकदी और सोने की चेन चोरी होने की शिकायतें सामने आई हैं। घटनाओं के बाद महाकाल, कोतवाली और खाराकुआं थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो दर्जन से अधिक संदिग्ध महिला-पुरुषों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
महाकाल मंदिर में सावन के पहले सोमवार को करीब तीन लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे, जबकि शाही सवारी मार्ग पर डेढ़ लाख से अधिक लोगों की भीड़ उमड़ी। भारी भीड़ और अव्यवस्था का फायदा उठाकर जेबकतरों ने श्रद्धालुओं के बैग, जेब और पर्स से मोबाइल, नकदी और अन्य कीमती सामान चुरा लिया। कई महिलाओं ने गले से सोने की चेन और मंगलसूत्र चोरी होने की शिकायत भी दर्ज कराई।
पुलिस के मुताबिक चोरी की सबसे ज्यादा घटनाएं हरसिद्धि मंदिर और आसपास के क्षेत्र से सामने आई हैं। रतलाम निवासी अनिता और उनकी रिश्तेदार आरती ने हरसिद्धि चौराहे पर मंगलसूत्र चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई। वहीं मुंबई से आए श्रद्धालु श्रीजी ने बताया कि भीड़ के बीच एक महिला उनके गले से सोने की चेन खींचकर फरार हो गई।
मीरा रोड (मुंबई) निवासी बबीता ने बताया कि हरसिद्धि मंदिर परिसर में दर्शन के दौरान एक महिला ने उनके गले से चेन खींचने की कोशिश की। उन्होंने समय रहते पेंडेंट पकड़ लिया और शोर मचाया। इस दौरान परिजनों ने एक संदिग्ध महिला को पकड़ लिया, लेकिन आरोप है कि उसने चेन पहले ही एक बच्ची को सौंप दी थी। पकड़ी गई महिला को महाकाल थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। इसी तरह जयपुर निवासी कमलाबाई के साथ भी चेन चोरी की घटना हुई। पुलिस ने इस मामले में तीन महिला संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जिससे महिला चोर गिरोह की आशंका जताई जा रही है।
शाही सवारी से एक दिन पहले उज्जैन पुलिस ने जेबकतरों और चेन स्नेचरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर शंकरपुर, पारी डेरा, मालगोदाम रोड, कार्तिक मेला मैदान, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड सहित कई स्थानों पर कार्रवाई की थी। इस दौरान 21 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन इसके बावजूद शाही सवारी के दौरान बड़ी संख्या में चोरी की घटनाएं सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी शिकायतों के आधार पर अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। सवारी मार्ग और महाकाल मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ जारी है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा कर चोरी गया सामान बरामद किया जाएगा।
महाकाल की शाही सवारी जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में हुई इन घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों में अतिरिक्त सुरक्षा, प्रभावी निगरानी और जेबकतरों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि श्रद्धालु बिना किसी डर के अपनी आस्था का पर्व मना सकें।