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Political battle erupts over special session in Raipur... Congress accuses government of 'wasting public money'
रायपुर। विधानसभा का 30 अप्रैल को प्रस्तावित विशेष सत्र अब सियासी विवाद का केंद्र बन गया है। कांग्रेस ने इस फैसले पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे पूरी तरह राजनीतिक कदम बताया है।
दीपक बैज का तीखा हमला: निंदा प्रस्ताव के लिए सत्र क्यों?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा सार्वजनिक मंच पर कांग्रेस की निंदा के लिए विशेष सत्र बुलाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि यदि यह सच है, तो यह सीधे तौर पर जनता के पैसे की बर्बादी है।बैज ने यह भी सवाल उठाया कि जिस विषय पर पहले ही लोकसभा में चर्चा हो चुकी है, उसे दोबारा विधानसभा में उठाना कैसे उचित ठहराया जा सकता है। उन्होंने इसे संवैधानिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया।
नगर निगमों तक फैली सियासत, कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस का आरोप है कि सिर्फ विधानसभा ही नहीं, बल्कि नगर निगमों और पालिकाओं में भी इसी मुद्दे पर विशेष बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। पार्टी ने इसे संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग की संज्ञा दी है।
पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर का बयान: ‘निंदा प्रस्ताव का कोई कानूनी असर नहीं’
पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि निंदा प्रस्ताव का किसी भी कानून पर कोई बाध्यकारी प्रभाव नहीं होता और इसे केवल राजनीतिक संदेश देने के लिए लाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित न होने के बाद भाजपा अब जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है। महिला आरक्षण के मुद्दे की आड़ में परिसीमन का प्रयास किया गया, जो सफल नहीं हो पाया।
जनहित बनाम राजनीति: सत्र के उद्देश्य पर उठे सवाल
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार को इस तरह के विशेष सत्र बुलाने के बजाय जनहित से जुड़े मुद्दों जैसे रोजगार, महंगाई और बुनियादी सुविधाओं पर चर्चा करनी चाहिए।
आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है सियासत
30 अप्रैल का विशेष सत्र अब केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि राजनीतिक टकराव का बड़ा मंच बनता नजर आ रहा है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज है, और संभावना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और गहराएगा।