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Political standoff escalates at Parliament's Makar Dwar; NDA and INDIA bloc MPs face off.
नई दिल्ली। संसद परिसर में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब मकर द्वार पर एनडीए और इंडिया गठबंधन के सांसद अलग-अलग मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों की नारेबाजी कुछ देर के लिए तीखी बहस और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति में बदल गई। हालात बिगड़ते देख संसद सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों समूहों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रित किया।
एनडीए के सांसद झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर विपक्ष को घेर रहे थे। उनका आरोप था कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस विषय पर चर्चा से बच रहे हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के सांसद राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार से जवाब मांग रहे थे।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी मकर द्वार पहुंचे। दोनों नेताओं ने छात्रों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब देने की मांग करते हुए नारेबाजी की। उनके वहां से जाने के बाद दोनों पक्षों के सांसदों के बीच तनाव और बढ़ गया, जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया।
तनाव बढ़ता देख संसद के सुरक्षा गार्ड दोनों पक्षों के बीच मानवीय दीवार बनकर खड़े हो गए। उनकी तत्परता के कारण स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया गया और किसी बड़े विवाद की नौबत नहीं आई।
लगातार हो रहे विरोध और हंगामे का असर संसद की कार्यवाही पर भी पड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार संसद के दोनों सदनों के संचालन पर प्रति मिनट लगभग 2.5 लाख रुपये का खर्च आता है। मानसून सत्र की शुरुआत के बाद अब तक कई कार्य दिवस हंगामे की भेंट चढ़ चुके हैं। अनुमान है कि कार्यवाही बाधित होने से करीब 108 करोड़ रुपये के बराबर संसदीय संसाधनों का उपयोग प्रभावित हुआ है।
इस बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 'वंदे मातरम्' से संबंधित विधेयक को मंजूरी दे दी है। नए प्रावधान के तहत राष्ट्रगीत के गायन में जानबूझकर बाधा पहुंचाना या उसे रोकने का प्रयास दंडनीय अपराध माना जाएगा।