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Power and system face off: BJP MLA faces charges of assaulting deputy tehsildar, non-bailable charges spark political uproar
सरगुजा। सीतापुर क्षेत्र में भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो पर नायब तहसीलदार तुषार माणिक के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार के आरोप में मामला दर्ज होने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मैनपाट के राजापुर उप तहसील में हुई इस घटना को लेकर अंबिकापुर कोतवाली में गैर जमानती धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद
जानकारी के अनुसार मामला एक जमीन संबंधी शिकायत से जुड़ा है, जिसमें विधायक की चचेरी बहन सीमा धनकी उप तहसील कार्यालय पहुंची थीं। आरोप है कि फाइल प्रक्रिया को लेकर असंतोष बढ़ा और इसी दौरान विवाद की स्थिति बन गई। बाद में नायब तहसीलदार तुषार माणिक और एसडीएम फागेश सिन्हा मौके पर पहुंचे।
कार्यालय में तनाव और टकराव का आरोप
बताया जा रहा है कि इसी दौरान फाइल पर हस्ताक्षर और प्रक्रिया को लेकर बहस तेज हो गई। आरोपों के मुताबिक नायब तहसीलदार और संबंधित पक्ष के बीच तनाव इतना बढ़ा कि मामला मारपीट और अभद्र व्यवहार तक पहुंच गया। एसडीएम की मौजूदगी में स्थिति को संभालने का प्रयास किया गया।
प्रशासन का सख्त रुख और गैर जमानती केस
कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर अंबिकापुर कोतवाली में गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इस मामले में एसडीएम को भी गवाह बताया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर इसे गंभीर अनुशासनात्मक घटना माना जा रहा है।
संघों का अल्टीमेटम और आंदोलन की चेतावनी
घटना के विरोध में कनिष्ठ प्रशासनिक संघ और राजस्व निरीक्षक संघ ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी है। इससे प्रशासनिक कामकाज पर दबाव बढ़ता दिख रहा है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाओं में तीखी बयानबाजी
कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने इस घटना को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया है। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधि से संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने की अपेक्षा होती है।
वहीं भाजपा के मुख्य प्रवक्ता संतोष पांडेय ने कहा कि यह सुशासन की व्यवस्था का उदाहरण है, जहां कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है।
विधायक का पक्ष और सफाई
विधायक रामकुमार टोप्पो ने आरोपों को लेकर कहा है कि यह सुशासन की व्यवस्था का हिस्सा है, जहां उनके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज हुई है। वहीं नायब तहसीलदार तुषार माणिक ने आरोप लगाया है कि उनके साथ अभद्रता और मारपीट की गई।
अब आगे क्या, प्रशासन और राजनीति दोनों आमने सामने
इस पूरे मामले ने प्रशासनिक तंत्र और राजनीतिक वर्ग के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। गिरफ्तारी की मांग और राजनीतिक बयानबाजी के बीच मामला अब और अधिक संवेदनशील मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है।