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Rain spell continues in Chhattisgarh; rivers and streams in spate; heavy rainfall in several districts, including Raipur.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आषाढ़ माह के साथ मानसून पूरी तरह सक्रिय है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे कई जगह नदी-नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग के अनुसार झारखंड और ओडिशा के पास बने अवदाब (लो प्रेशर सिस्टम) के प्रभाव से सोमवार 7 जुलाई को मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी वर्षा की संभावना है। हालांकि 8 जुलाई के बाद पूरे प्रदेश में बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने के संकेत हैं।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश के अनेक जिलों में अच्छी बारिश हुई। बलौदा बाजार में सर्वाधिक 20 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा राजिम में 18 सेंटीमीटर, लवन में 17 सेंटीमीटर तथा गिधौरी, टुंड्रा और भाटापारा में 16-16 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
बलौदा, गोबरा नवापारा और बिलाईगढ़ में 15 सेंटीमीटर, जबकि राजनांदगांव, भटगांव, अकलतरा, पौड़ी उपरोड़ा, तिल्दा, चंद्रपुर और खरोरा में 14-14 सेंटीमीटर वर्षा हुई। रायगढ़, पिथौरा और सिमगा सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी 13 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई।
राजधानी रायपुर में सोमवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। शहर का अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के मध्य और उत्तरी हिस्सों के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। वहीं एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक रूप से खुले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है।
लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पेंड्रा रोड में अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि राजनांदगांव में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बारिश के चलते लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल मानसून सामान्य स्थिति में बना हुआ है, लेकिन 8 जुलाई के बाद प्रदेश में बारिश की तीव्रता कम हो सकती है। इसके बावजूद अगले दो दिनों तक कई जिलों में रुक-रुककर बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है।