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Ram Mandir donation theft case: Crucial meeting of the Ram Janmabhoomi Trust to be held today; decision on General Secretary Champat Rai's resignation likely.
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद सोमवार को श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की होने वाली बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे पर फैसला लिया जा सकता है। साथ ही उनके स्थान पर नए पदाधिकारियों और ट्रस्टियों के नामों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
ट्रस्ट की बैठक सोमवार दोपहर 3 बजे अयोध्या स्थित मणिरामदास जी की छावनी में आयोजित होगी। यही वह परिसर है, जहां चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने की बात कही जा रही है। इस कारण बैठक को लेकर खासा राजनीतिक और धार्मिक महत्व माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंगलाल बागड़ा को ट्रस्ट में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। वहीं, नीरज दोनेरिया को भी ट्रस्टी बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।राजस्थान के सीकर निवासी बजरंगलाल बागड़ा पहले नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (नालको) के चेयरमैन रह चुके हैं। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने विश्व हिंदू परिषद में सक्रिय भूमिका निभाई और फरवरी 2024 में अयोध्या में आयोजित बैठक में उन्हें अंतरराष्ट्रीय महामंत्री चुना गया था।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार 5 जून को सामने आया था। इसके बाद 13 जून को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। प्रारंभिक जांच के आधार पर अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है। पुलिस और एसआईटी दोनों स्तर पर जांच लगातार जारी है।
बैठक में शामिल होने के लिए ट्रस्ट के कई सदस्य अयोध्या पहुंच चुके हैं। इनमें जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, स्वामी परमानंद और कृष्णमोहन शामिल हैं। वहीं कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि, निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा, स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ समेत अन्य सदस्य सोमवार सुबह तक अयोध्या पहुंचने वाले हैं।
बैठक से पहले रविवार शाम जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने मणिरामदास जी की छावनी पहुंचकर तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक स्थल का जायजा लिया और सभी सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की, ताकि बैठक शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।