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Reliance Foundation: Transformed the lives of villagers in 3,000 villages, improving their livelihoods and living standards.
नई दिल्ली। ग्रामीण विकास को लेकर रिलायंस फाउंडेशन और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) द्वारा किए गए दस वर्षों के कार्य पर आधारित एक व्यापक अध्ययन जारी किया गया है। इस अध्ययन में देश के चार राज्यों के करीब 3 हजार गांवों में हुए सामाजिक और आर्थिक बदलावों का आकलन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार स्थानीय संस्थाओं को मजबूत बनाने, सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने और साझा प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के जीवन स्तर और आजीविका में सकारात्मक सुधार देखने को मिला है।
यह अध्ययन ओडिशा के बलांगीर, मध्य प्रदेश के मंडला, आंध्र प्रदेश के आदोनी और गुजरात के राधनपुर क्षेत्रों में किए गए विकास कार्यों पर केंद्रित है। रिपोर्ट में 2,100 से अधिक परिवारों के जीवन में आए बदलावों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन में बताया गया कि स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर किए गए प्रयासों ने गांवों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रिपोर्ट जारी होने के बाद नई दिल्ली में आयोजित चर्चा कार्यक्रम में नीति विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण, सामुदायिक नेतृत्व और तकनीक आधारित विकास मॉडल पर विस्तार से चर्चा की गई।
ओआरएफ के उपाध्यक्ष डॉ. नीलांजन घोष ने कहा कि ग्रामीण विकास के लिए स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतों के अनुरूप योजनाएं बनाना बेहद जरूरी है। वहीं सुदर्शन सुची ने कहा कि गांव तब आत्मनिर्भर बनते हैं जब समुदाय खुद समाधान तैयार करता है और स्थानीय संस्थाएं मजबूत होती हैं।
रिलायंस फाउंडेशन के ग्रामीण परिवर्तन कार्यक्रम प्रमुख अभिनव सेन ने कहा कि आंकड़ों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और लोगों की सक्रिय भागीदारी के जरिए ग्राम पंचायतों को और अधिक सक्षम बनाया जा सकता है। चर्चा में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण तथा डिजिटल तकनीकों के जिम्मेदार उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया।
Reliance Foundation ने बताया कि वह शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और खेल सहित कई क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रहा है। संस्था के अनुसार अब तक देशभर में उसके कार्यक्रमों का लाभ 9.7 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच चुका है।