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Stampede during Puri Rath Yatra; one devotee dies; procession begins amidst rain with lakhs of devotees.
पुरी। ओडिशा के पुरी में विश्वप्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। रथयात्रा शुरू होने के कुछ ही देर बाद श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ मच गई, जिसमें 100 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर सामने आ रही है, जबकि एक श्रद्धालु की मौत हो गई। मृतक की पहचान अनिल दास के रूप में हुई है। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
पुरी में रथयात्रा के दौरान तेज बारिश होती रही, लेकिन इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। अनुमान के मुताबिक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा मार्ग पर मौजूद रहे। रथयात्रा श्री जगन्नाथ मंदिर से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित गुंडीचा मंदिर तक जाएगी।
शाम 5 बजे सबसे पहले भगवान बलभद्र का तालध्वज रथ आगे बढ़ा। इसके बाद देवी सुभद्रा और फिर भगवान जगन्नाथ के रथ को श्रद्धालुओं ने खींचना शुरू किया। जय जगन्नाथ के उद्घोष और भक्ति के माहौल के बीच रथयात्रा का शुभारंभ हुआ।
बारिश के कारण परंपरा में किया गया बदलाव
रथयात्रा से पहले भगवानों की 'पहांडी' रस्म निभाई गई। लगातार हो रही बारिश के चलते भगवान जगन्नाथ को इस बार बिना मुकुट पहनाए मंदिर से बाहर लाया गया। साथ ही परंपरा के अनुसार झुलाते हुए लाने के बजाय उन्हें धीरे-धीरे और सावधानीपूर्वक रथ तक पहुंचाया गया।
गजपति महाराजा ने निभाई 'छेरा पहरा' की परंपरा
रथयात्रा शुरू होने से पहले पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव ने पारंपरिक 'छेरा पहरा' की रस्म निभाई। उन्होंने सोने की झाड़ू से तीनों रथों के आगे प्रतीकात्मक सफाई कर भगवान के प्रति सेवा और समर्पण का संदेश दिया। इसके बाद रथयात्रा की औपचारिक शुरुआत हुई।