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Supreme Court: If the order to close Central Park ahead of CJP’s 'Hoist the Tricolour' event turns out to be wrongful, traders will be compensated.
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को व्यापारियों से कहा, कि सेंट्रल पार्क बंद करने की एनडीएमसी का आदेश अगर गलत मिला तो नुकसान की भरपाई करवाएंगे। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने एनडीएमसी के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर तुरंत सुनवाई से इंकार करते हुए यह टिप्पणी की। सीजेपी के 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम से पहले सेंट्रल पार्क के बंद किया गया था। बेंच ने कहा, उम्मीद है सभी समझदारी दिखाएंगे। छोटे दुकानदार आजीविका कमाते हैं। हम जानते हैं, कि इससे परिवारों को कितनी मुश्किल होगी।
इस बंद और प्रदर्शन के बारे में दिल्ली के व्यापारियों का कहना है, कि दिल्ली में प्रदर्शन और बैरिकेडिंग से कारोबार पर असर पड़ रहा है। नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के कोषाध्यक्ष मनप्रीत सिंह ने कहा, कि आंदोलनों के चलते कई बार प्रतिष्ठानों की बिक्री शून्य रही। प्रदर्शन की घोषणा पर लोग यहां आने से बचते हैं। खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहरा ने कहा, कि बाजारों से ग्राहक गायब हैं। व्यापारियों को लगभग 300 करोड़ का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा,कि नुकसान का अकलन कर आंदोलन के आयोजकों से इसकी भरपाई करवाई जाए। इसके अलावा लाजपत नगर ऑटो पार्ट्स और सरोजिनी बाजार संघ ने पीएम मोदी को एक पत्र लिखकर 2000 करोड़ के नुकसान का दावा किया है। उन्होंने त्योहारों के बीच प्रदर्शन रोकने और इनकी घोषणा से पहले व्यापारियों की भी राय लिए जाने की मांग की है।
आपको बता दें, कि इस आंदोलन पर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर बांग्लादेश जैसा सत्ता परिवर्तन चाहने और युवाओं को अराजकता में धकेलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, कि लोकतंत्र संस्थाओं को कमजोर करने की छूट नहीं देता। वोट चोरी पर उन्होंने कहा, कि कांग्रेस ने मतदाता सूची के खिलाफ कोई अपील नहीं की है। राजनाथ सिंह के आरोप पर कांग्रेस ने बांग्लादेश जैसे सत्ता परिवर्तन के आरोप को खारिज किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा, कि विपक्ष का काम विरोध, पर्दाफाश और सत्ता से हटाना है। इसके साथ ही कांग्रेस के एक और वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, कि चुनाव के जरिए सरकार को बदलना लोकतंत्र का हिस्सा ही है।
वहीं सीजेआई और कोर्ट पर टिप्पणी करने के मामले में शिवसेना यूबीटी गुट के सांसद संजय राउत और पत्रकार निखिल वागले को आपराधिक अवमानना की कार्यवाही में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इसके अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर 12 अक्टूबर के मार्च में गर्भवती पत्रकार को धक्का देने के आरोप लगाने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए भी सुप्रीम कोर्ट ने सहमति जताई है।