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The Tricolour resonates in Dantewada; a salute to 211 brave soldiers. Vijay Sharma declares,
दंतेवाड़ा। तिरंगा यात्रा के दूसरे दिन उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने दंतेवाड़ा पहुंचकर माँ दंतेश्वरी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद दंतेवाड़ा बस स्टैंड में आयोजित तिरंगा यात्रा कार्यक्रम में शामिल होकर वीर जवानों को नमन किया। इस दौरान तिरंगा यात्रा उन इलाकों से गुजरी, जहां कभी नक्सल आतंक के कारण पहुंचना भी मुश्किल माना जाता था।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दंतेवाड़ा जिले के 211 सर्वोच्च बलिदानी वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बस्तर की जनता, समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों के सहयोग से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता हासिल हुई है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी नक्सली आतंक के कारण तिरंगा फहराना भी चुनौती था, आज उन्हीं इलाकों में पूरे गौरव और उत्साह के साथ तिरंगा लहराया जा रहा है।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। उन्होंने आमजनों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने-अपने घरों में तिरंगा लगाने और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ हर घर तिरंगा अभियान में सहभागिता निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा को सफल बनाने में आम लोगों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।

तिरंगा यात्रा के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप श्यामगिरी भी पहुंचे। यहां उन्होंने 2019 में हुई घटना के स्थल पर पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। स्थानीय लोगों, चश्मदीदों और स्वर्गीय भीमा मंडावी के सहयोगियों ने उस घटना की भयावहता और उस समय के हालात की जानकारी साझा की।

मंत्री द्वय ने अरनपुर और श्यामगिरी में हुई घटनाओं में शहीद हुए 13 जवानों की स्मृति में पौधरोपण भी किया। इस दौरान शहीद परिवारों से मुलाकात कर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली गई।
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री और वन मंत्री ने तत्कालीन दंतेवाड़ा विधायक स्वर्गीय भीमा मंडावी की पत्नी श्रीमती ओजस्वी मंडावी से मुलाकात की। शहीदों की स्मृति में सभी ने मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस भावुक क्षण में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सल हिंसा ने बस्तर में लगभग हर परिवार को किसी न किसी रूप में प्रभावित किया है। किसी ने अपना मित्र खोया, किसी ने भाई, पिता, रिश्तेदार या अपना कोई करीबी खोया है।
विजय शर्मा ने कहा कि तिरंगा फहराने के लिए बस्तर के लोगों ने लंबा संघर्ष किया है। अनेक लोगों की शहादत के बाद आज बस्तर में लोग पूरे सम्मान और गर्व के साथ तिरंगा फहरा पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले तिरंगा फहराने पर नक्सलियों का डर रहता था, लेकिन अब कोई भी लोगों को तिरंगा फहराने से रोकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अब भारत का संविधान बिना किसी डर के हर कोने में लागू होगा।

उप मुख्यमंत्री ने लोगों से अपने घरों पर तिरंगा लगाने और पड़ोसियों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो लोग तिरंगा यात्रा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, वे सोशल मीडिया पर भी तिरंगा लगाकर राष्ट्रभक्ति का संदेश दें। उन्होंने कहा, “बस्तर की जनता जीत गई और नक्सलवाद हार गया।”
ग्रामीणों की मांग पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नकुलनार से बचेली मार्ग का नामकरण शहीद भीमा मंडावी के नाम पर करने की अनुशंसा करने की बात कही। उन्होंने इस संबंध में आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए कलेक्टर को निर्देशित किया।

इसके साथ ही “एक पेड़ शहीदों के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। घटना स्थल की मिट्टी भी संग्रहित की गई, जिसे शहीदों की स्मृति से जोड़कर रखा जाएगा।
उप मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंची बिहान समूह की महिलाओं से भी बातचीत की। उन्होंने महिलाओं को लघु वनोपज प्रसंस्करण का प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि शासन द्वारा छत्तीसकला ब्रांड के अंतर्गत बिहान समूह के उत्पादों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने महिलाओं से इस योजना का लाभ उठाकर अपने उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की अपील की।
मंत्री द्वय ने राष्ट्रपति भवन में प्रस्तुति देने वाली बस्तर पंडुम विजेता अरनपुर की मांदरी दल की महिलाओं से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं से आत्मीयता से बातचीत की।
विजय शर्मा ने मजाकिया अंदाज में कहा कि पहले आप दिल्ली जाकर राष्ट्रपति से मिली थीं, अब राष्ट्रपति भी आपके घर आएंगी और आपके साथ चाय पिएंगी। इस पर महिलाओं ने कहा कि वे भी चाहती हैं कि राष्ट्रपति बस्तर आएं और वे अपने हाथों से उन्हें खाना खिलाएं।
बस्तर सांसद महेश कश्यप ने तिरंगा यात्रा को ऐतिहासिक गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा उन क्षेत्रों से गुजर रही है, जहां कभी वीर जवानों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था और नक्सल आतंक के कारण आम लोगों का पहुंचना मुश्किल था।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई आगे बढ़ी है और अब इन क्षेत्रों में विकास तथा राष्ट्रभक्ति का नया वातावरण तैयार हुआ है।
कार्यक्रम में विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य ओजस्वी मंडावी, नगर पालिका अध्यक्ष पायल गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुनीता भास्कर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

इस दौरान बस्तर आईजी बद्रीनाथ मीणा, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह, डीएफओ रामकृष्ण रंगनाथ वाय सहित पुलिस-प्रशासन के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं आमजन उपस्थित रहे।