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The batsmen have laid a solid foundation; now, the real test against spin awaits on the changing pitch at Galle.
गॉल। भारत और श्रीलंका के बीच पहले टेस्ट के दूसरे दिन का खेल बारिश और बदलती पिच के बीच रोमांचक रहा। दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ने पहली पारी में 116 ओवर में 9 विकेट पर 460 रन बना लिए हैं। पहले दिन 2 विकेट पर 307 रन बनाने वाली भारतीय टीम ने दूसरे दिन 153 रन जोड़कर सात विकेट गंवाए।शुरुआत में यह गिरावट चिंता पैदा कर सकती है, लेकिन गॉल की पिच पर अब स्पिनरों को मिलने वाला टर्न भारत के लिए बड़ा हथियार बन सकता है। ऐसे में तीसरे दिन से कुलदीप यादव, मानव सुधार और रवींद्र जडेजा की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है।
दूसरे दिन मूसलाधार बारिश के कारण करीब डेढ़ सत्र का खेल प्रभावित हुआ। दोपहर 2.35 बजे जब मुकाबला दोबारा शुरू हुआ तो गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम की पिच का व्यवहार पहले दिन की तुलना में काफी बदल चुका था।जहां पहले दिन भारतीय बल्लेबाजों ने आसानी से रन बनाए थे, वहीं दूसरे दिन गेंद के टर्न और असमान उछाल ने बल्लेबाजों की परीक्षा लेनी शुरू कर दी। श्रीलंकाई स्पिनरों ने इसका फायदा उठाया और भारत के मध्यक्रम पर दबाव बनाया।
देवदत्त पडिक्कल ने दूसरे दिन भी धैर्य और तकनीक का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने पहले टेस्ट शतक को 167 रन की बड़ी पारी में बदल दिया। उन्होंने 230 गेंदों का सामना करते हुए 15 चौके लगाए।पडिक्कल ने स्पिन के खिलाफ अपना बल्लेबाजी अंदाज बदला और क्रीज पर टिककर रन बनाने की रणनीति अपनाई। हालांकि, 167 रन के स्कोर पर वह प्रभात जयसूर्या की गेंद पर स्टंप हो गए।
दूसरे दिन खेल शुरू होने के बाद ऋषभ पंत ने पहली ही गेंद पर चौका लगाकर आक्रामक इरादे जाहिर किए। हालांकि, पिच पर बढ़ते टर्न के बीच वह ज्यादा देर नहीं टिक सके। पंत वाइड मिडऑफ की दिशा में कैच देकर आउट हुए।इसके बाद केएल राहुल भी नुवांधा की गेंद पर बैट-पैड कैच का शिकार बने। राहुल पहले दिन ऐंठन के कारण रिटायर्ड हर्ट हुए थे और दूसरे दिन दोबारा बल्लेबाजी करने उतरे थे।
श्रीलंका के ऑफ स्पिनर नुवांधा दूसरे दिन भारतीय बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हुए। नई गेंद मिलने के बाद उन्हें पिच से तेज टर्न और प्राकृतिक वैरिएशन मिला।उन्होंने पहले पंत और राहुल को आउट किया। इसके बाद पडिक्कल की पारी का अंत किया और फिर रवींद्र जडेजा को एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया। भारत के 307 से 377 रन तक पहुंचने के बीच चार विकेट गिरे और इनमें तीन विकेट नुवांधा के खाते में गए।उन्होंने लगातार 16 ओवर का स्पैल भी किया, जिससे श्रीलंकाई गेंदबाजी आक्रमण को काफी मजबूती मिली।
जब भारत के 377 रन पर छह विकेट गिर चुके थे, तब ध्रुव जुरेल ने महत्वपूर्ण पारी खेली। उन्होंने मानव सुधार के साथ 55 रन की साझेदारी करके भारतीय स्कोर को 425 रन के पार पहुंचाया।जुरेल ने 68 गेंदों में 51 रन बनाए, जिसमें चार चौके शामिल रहे। वह अर्धशतक पूरा करने के बाद जयसूर्या की गेंद पर स्लिप में कैच आउट हुए। इससे पहले कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने उनका कैच छोड़ दिया था, लेकिन अगली बार उन्होंने मौका नहीं गंवाया।
भारत ने 460 रन तक पहुंचकर श्रीलंका के सामने मजबूत स्कोर खड़ा कर दिया है। हालांकि, आखिरी विकेट के रूप में कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा अभी क्रीज पर हैं, इसलिए भारत के स्कोर में कुछ और रन जुड़ सकते हैं।गॉल की पिच पर जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ेगा, स्पिन का प्रभाव बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में भारत के तीन बाएं हाथ के स्पिनरों कुलदीप यादव, मानव सुधार और रवींद्र जडेजा के सामने श्रीलंकाई बल्लेबाजों को रोकने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।दो टेस्ट की सीरीज और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से यह मुकाबला भारत के लिए अहम है। अगर भारतीय गेंदबाज इस स्कोर का फायदा उठाने में सफल रहे, तो मैच पर पकड़ मजबूत करने का मौका उनके पास होगा।