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रायपुर। बैंकिंग सेवाओं से जुड़े ग्राहकों के लिए अहम खबर है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर बैंक कर्मचारी 11 सितंबर 2026 को एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल पर हैं। हड़ताल का सबसे बड़ा असर बैंक की शाखाओं में होने वाले आमने-सामने के कामकाज पर पड़ सकता है।
बैंक कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांग पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना है। यूनियनों का कहना है कि मार्च 2024 में हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते और 9वें ज्वाइंट नोट के तहत पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने पर सहमति बनी थी। इसके तहत सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने का प्रस्ताव था, ताकि शनिवार की छुट्टी की भरपाई हो सके। लेकिन इस प्रस्ताव को अब तक सरकारी मंजूरी नहीं मिलने से कर्मचारी संगठनों में नाराजगी है।
दो साल से अटका है पांच दिवसीय बैंकिंग का मामला
बैंक यूनियनों का दावा है कि भारतीय बैंक संघ (IBA) की ओर से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की सिफारिश सरकार को भेजी गई थी, लेकिन दो साल से ज्यादा समय बीतने के बावजूद इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। यही वजह है कि कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है।
PLI को लेकर भी था विरोध
हड़ताल के एजेंडे में परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) को लेकर भी विवाद शामिल रहा है। यूनियनों ने संशोधित PLI व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए इसे वापस लेने और इस मुद्दे पर द्विपक्षीय बातचीत की मांग की थी। हालांकि, हालिया वार्ता के बाद PLI का मुद्दा काफी हद तक सुलझने की बात सामने आई है, लेकिन पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था पर ठोस फैसला नहीं होने के कारण UFBU ने 11 सितंबर की हड़ताल वापस नहीं ली।
आगे भी होगी बैंक हड़ताल
11 सितंबर की हड़ताल के बाद भी बैंक कर्मचारियों का आंदोलन खत्म नहीं होगा। UFBU ने 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इसके बाद भी यदि मांगों पर समाधान नहीं निकलता है तो 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।
ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में कैश जमा-निकासी, चेक से जुड़े काम, दस्तावेज जमा करना, KYC और अन्य काउंटर सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, ATM, UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य तौर पर उपलब्ध रहने की उम्मीद है, लेकिन किसी तकनीकी समस्या या बैंक-विशेष स्थिति में इन सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।
खास बात यह है कि 11 सितंबर शुक्रवार के बाद 12 सितंबर को दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार है। ऐसे में कई ग्राहकों के लिए शाखा से जुड़े जरूरी काम निपटाने में लगातार कई दिनों की देरी हो सकती है। कुछ राज्यों में 14 सितंबर को भी बैंक अवकाश है।
बैंक कर्मचारियों का कहना क्या है?
कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू होने के बावजूद बैंकिंग कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने पर सहमति बनी थी। अब यूनियनें सरकार से इस समझौते को लागू करने की मांग कर रही हैं।
ऐसे में फिलहाल 11 सितंबर की हड़ताल के बाद 28-30 सितंबर और फिर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी ने बैंक ग्राहकों और बैंकिंग व्यवस्था के सामने चिंता बढ़ा दी है।