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ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। शीतला माता मंदिर के पास श्रद्धालुओं को एक अनियंत्रित ट्रक ने कुचल दिया। इस भीषण हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। इनमें से पांच से छह लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई।
पुलिस बैरिकेड तोड़कर मंदिर की ओर घुसा ट्रक
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हादसा रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे हुआ। धान से लदा एक ट्रक छिनोर की ओर से आ रहा था। जिस सड़क पर यह हादसा हुआ, वहां भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित थी। इसके बावजूद ट्रक पुलिस बैरिकेड और स्टॉपर को तोड़ते हुए आगे बढ़ गया।
बताया जा रहा है कि ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क पर जा रहे श्रद्धालुओं को अपनी चपेट में ले लिया। लोगों को कुचलने के बाद ट्रक मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंदिर के प्रवेश द्वार और बाहरी दीवार को नुकसान पहुंचा। ट्रक ने रास्ते में स्थित पुलिस चौकी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
39 लोगों को पहुंचाया गया अस्पताल, 12 की मौत
ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह के मुताबिक, हादसे के बाद कुल 39 लोगों को अस्पताल ले जाया गया। इनमें से 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हैं। गंभीर रूप से घायल पांच से छह लोगों की हड्डियां टूटने की जानकारी सामने आई है। अन्य लोगों को मामूली चोटें आई हैं। हादसे में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों की टीम उनका लगातार परीक्षण कर रही है। बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के लिए जरूरत के अनुसार सीटी स्कैन और एक्स-रे किए जा रहे हैं। गंभीर रूप से घायल लोगों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर आगे की जानकारी का इंतजार है।
कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश, बैरिकेड तोड़कर कैसे घुसा ट्रक?
ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही एम्बुलेंस और अन्य राहत वाहनों को घटनास्थल पर भेजा गया। प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कराया तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
कलेक्टर के मुताबिक, नवरात्रि के दौरान मंदिर की ओर जाने वाली सड़क पर भारी वाहनों को रोकने के लिए पुलिस चौकी और स्टॉपर लगाए गए थे। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रक कैसे पहुंचा और पुलिस की व्यवस्था को पार कर श्रद्धालुओं तक कैसे पहुंच गया।
प्रशासन ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। ट्रक की तकनीकी स्थिति और हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की टीम को भी भेजा गया है। टीम यह जांच करेगी कि ट्रक में कोई तकनीकी खराबी थी या किसी अन्य वजह से चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया आंखों देखा मंजर
हादसे के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि ट्रक अचानक तेज गति से आया और रास्ते में मौजूद दुकानों के साथ लोगों को भी अपनी चपेट में लेता चला गया। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, कुछ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में उसका भाई भी घायल हुआ है।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि ट्रक ओवरलोडेड था और अचानक अनियंत्रित होकर आगे बढ़ा। जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक ट्रक कई लोगों और दुकानों को नुकसान पहुंचा चुका था। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनों की तलाश में जुट गए।
शीतला माता मंदिर में नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित होने और पुलिस बैरिकेड लगाए जाने के बावजूद ट्रक का मंदिर के पास तक पहुंच जाना सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े करता है।
अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि ट्रक बैरिकेड तोड़कर कैसे आगे बढ़ा, चालक ने वाहन से नियंत्रण क्यों खोया और प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहन को रोकने की व्यवस्था में कहां चूक हुई।
फिलहाल इस दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। प्रशासन घायलों के उपचार और दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटा है। गंभीर रूप से घायल लोगों की स्थिति को देखते हुए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई है।