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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान सप्तमी की शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया। उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भीड़ और बारिश के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस हादसे में अब तक 19 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है, जबकि 35 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर संबंधित पूजा पंडालों को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने हादसे पर गहरा दुख जताया है।
बारिश और भीड़ के दबाव के बीच बिगड़े हालात
जानकारी के मुताबिक, 17 अक्टूबर की शाम करीब 7:40 बजे उत्तर कोलकाता के चोरबागान इलाके में स्थित शारदा पार्क पूजा पंडाल के एग्जिट गेट पर भारी भीड़ जमा हो गई थी। इसी दौरान बारिश और लोगों के दबाव के चलते हालात बिगड़ गए और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। बताया जा रहा है कि पंडाल के एक हिस्से के ढहने की घटना के बीच लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
अचानक मची भगदड़ में कई श्रद्धालु भीड़ के बीच फंस गए। इस दौरान लोगों को बाहर निकलने में परेशानी हुई और कई लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव दल सक्रिय हुए। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए चोरबागान पूजा पंडाल को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया। प्रशासन के निर्देश पर ताला प्रतॉय पूजा पंडाल को भी बंद किया गया, जबकि चेतला अग्रणी पंडाल को एहतियातन एक घंटे के लिए बंद रखा गया।
पूजा समिति के पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा
हादसे के बाद चोरबागान पूजा समिति में भी हलचल तेज हो गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पूजा समिति के जनरल सेक्रेटरी और अन्य पदाधिकारियों के इस्तीफा देने की जानकारी सामने आई है।
इस घटना ने बड़े दुर्गा पूजा आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, प्रवेश और निकास की व्यवस्था तथा आपातकालीन सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर त्योहारों के दौरान जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक साथ पंडालों में पहुंचते हैं, तब भीड़ को नियंत्रित करने और आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
PM मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये की सहायता घोषित की
कोलकाता हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके तहत हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को 2 लाख रुपये, जबकि घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
पीएम मोदी ने कहा कि कोलकाता में भगदड़ की घटना बेहद दुखद है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जताया दुख
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
राष्ट्रपति ने कहा कि दुर्गा पूजा पंडाल में लोगों की मौत का समाचार अत्यंत दुखद है। इस हादसे ने त्योहार के माहौल को गमगीन कर दिया है।
घायलों से मिलने कोलकाता जाएंगे अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से फोन पर बात कर घटना की जानकारी ली।
अमित शाह ने कहा कि चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की खबर अत्यंत दुखद है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की और उनके परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि प्रशासन घायलों को हरसंभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में रविवार के अपने सभी कार्यक्रम स्थगित करने और अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात करने की बात कही।
भाजपा नेताओं ने भी जताई संवेदना
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने भी हादसे पर दुख व्यक्त किया। नितिन नवीन ने कहा कि राज्य सरकार घटना से प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
वहीं, जेपी नड्डा ने कहा कि कोलकाता के चोरबागान में हुई दुखद घटना से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन युद्ध स्तर पर बचाव और राहत कार्य चला रहा है। साथ ही प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
कांग्रेस ने की निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी हादसे पर शोक जताया है। कांग्रेस नेताओं ने पश्चिम बंगाल सरकार से पीड़ित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा देने और घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि फिलहाल राजनीति करने के बजाय राहत और बचाव कार्यों में सहयोग करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के स्वयंसेवक बचाव कार्य में सहयोग कर रहे हैं।
हालांकि, उन्होंने पूजा पंडाल को मिली अनुमति और सुरक्षा संबंधी दस्तावेजों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि किसी पंडाल को अनुमति देते समय सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) की जांच महत्वपूर्ण है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने के साथ सरकारी नौकरी देने की मांग भी रखी।
मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश
हादसे के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अब जांच में यह पता लगाने पर जोर रहेगा कि पंडाल में भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था कैसी थी, निकास द्वार पर अचानक दबाव क्यों बढ़ा और आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं।
घटना के बाद पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि हादसे की मुख्य वजह भारी भीड़, बारिश के कारण पैदा हुई अव्यवस्था, पंडाल के हिस्से का ढहना या इन परिस्थितियों का संयुक्त प्रभाव था।
दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता के पूजा पंडालों में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ का प्रबंधन, सुरक्षित प्रवेश और निकास द्वार, आपातकालीन रास्ते और पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बेहद जरूरी होती है।
चोरबागान में हुई इस दुखद घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों का पालन किस तरह सुनिश्चित किया जा रहा है। फिलहाल हादसे में 19 लोगों की मौत और 35 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही घटना के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।