

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

mumbai pune expressway landslide heavy rain missing link project maharashtra monsoon
मुंबई। महाराष्ट्र में मानसून ने रफ्तार पकड़ते ही जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सड़क और रेल यातायात दोनों को प्रभावित किया है। सबसे बड़ा असर देश के सबसे आधुनिक और महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट पर देखने को मिला, जहां भारी भूस्खलन के कारण सोमवार तड़के एक्सप्रेसवे को दोनों ओर से बंद करना पड़ा। इस घटना के बाद 6695 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना की गुणवत्ता, सुरक्षा और इंजीनियरिंग मानकों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
तड़के हुआ भूस्खलन, कई घंटे बंद रहा एक्सप्रेसवे
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 3:30 बजे 'मिसिंग लिंक' टनल के पास भारी भूस्खलन हुआ। लगातार बारिश के कारण बड़ी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया, जिसके चलते प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराने मुंबई-पुणे हाईवे दोनों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया।
महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) की टीम ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने का अभियान शुरू किया। खालापुर टोल प्लाजा के पास लगभग 3 से 5 घंटे की मशक्कत के बाद सड़क से मलबा हटाया गया और दोपहर तक यातायात बहाल किया गया। हालांकि बारिश और सुरक्षा कारणों से वाहनों की आवाजाही काफी धीमी रही।
दो महीने पहले हुआ था उद्घाटन
यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इस फ्लैगशिप परियोजना का उद्घाटन 1 मई 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया था। उद्घाटन के महज नौ सप्ताह बाद ही इस परियोजना में पहले गड्ढे दिखाई दिए और अब भूस्खलन की घटना ने इसकी मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
6695 करोड़ रुपये की लागत से बने इस 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट को भारत की सबसे चौड़ी सुरंगों और सबसे ऊंचे केबल-स्टे ब्रिज पिलर जैसी आधुनिक इंजीनियरिंग उपलब्धियों का प्रतीक बताया गया था। इसका उद्देश्य खंडाला घाट के दुर्घटना संभावित हिस्से से बचते हुए यात्रा को सुरक्षित और तेज बनाना था।
पहले भी सामने आई थीं खामियां
जुलाई की शुरुआत में ही इस नए एक्सप्रेसवे पर गड्ढे बनने की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद सरकार ने ठेकेदार को हर दो घंटे में सड़क का निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। उस समय अधिकारियों ने दावा किया था कि केवल दो गड्ढे बने हैं, जिन्हें तत्काल भर दिया जाएगा।
MSRDC ने प्रारंभिक जांच में गड्ढों के लिए डामर की परत और कंक्रीट बेस के बीच खराब बॉन्डिंग तथा तेल और ईंधन के रिसाव को जिम्मेदार बताया था। हालांकि अब लगातार सामने आ रही तकनीकी समस्याओं ने परियोजना की गुणवत्ता पर बहस तेज कर दी है।
रेल सेवाएं भी प्रभावित
भारी बारिश और भूस्खलन का असर रेलवे पर भी पड़ा। कर्जत-लोनावला सेक्शन में ठाकुरवाड़ी और मंकी हिल के बीच हुए भूस्खलन के कारण सेंट्रल रेलवे को डेक्कन क्वीन, डेक्कन एक्सप्रेस, प्रगति एक्सप्रेस, सिंहगढ़ एक्सप्रेस और इंद्रायणी एक्सप्रेस सहित एक दर्जन से अधिक ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। कई लंबी दूरी की ट्रेनों का मार्ग भी बदला गया, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग का रेड अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग ने मुंबई और आसपास के क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटे में मुंबई में औसतन 105.24 मिमी बारिश दर्ज की गई। साथ ही 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की है।
सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट देश की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में गिना जाता है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया था कि रोजाना करीब 1.5 लाख यात्रियों का सफर 20 से 30 मिनट तक कम हो सके और दुर्घटना संभावित घाट सेक्शन से राहत मिले।
लेकिन उद्घाटन के कुछ ही सप्ताह बाद पहले सड़क पर गड्ढे और अब भारी भूस्खलन की घटना ने परियोजना की निर्माण गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और इंजीनियरिंग डिज़ाइन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून की शुरुआत में ही ऐसी स्थिति बन रही है, तो भविष्य में और अधिक मजबूत निगरानी, तकनीकी जांच और आवश्यक सुधार करना बेहद जरूरी होगा।