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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बीच शनिवार को फोन पर अहम बातचीत हुई। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया। दोनों नेताओं के बीच भारत-अमेरिका की व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस बातचीत की जानकारी साझा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि जेडी वेंस के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक रही। दोनों नेताओं ने भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने तथा वैश्विक स्तर पर दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत करने को लेकर विचार-विमर्श किया।
बेटे के जन्म पर जेडी वेंस और उषा वेंस को दी बधाई
फोन पर हुई बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस को बेटे के जन्म पर बधाई दी। पीएम मोदी ने नवजात शिशु और पूरे वेंस परिवार के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
प्रधानमंत्री मोदी की ओर से दी गई यह बधाई ऐसे समय में सामने आई है, जब दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, व्यापार, तकनीक, ऊर्जा और वैश्विक रणनीतिक मुद्दों पर सहयोग को महत्वपूर्ण माना जाता है।
FCRA को लेकर अमेरिका में उठी थी चिंता
पीएम मोदी और जेडी वेंस की बातचीत ऐसे समय हुई है, जब भारत के विदेशी चंदा नियमन कानून यानी FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) में प्रस्तावित बदलावों को लेकर अमेरिका में सवाल उठाए गए थे।
अमेरिकी सांसद रिले मूर ने भारत में विदेशी फंडिंग से जुड़े कानूनों में प्रस्तावित बदलावों को लेकर चिंता जाहिर की थी। उन्होंने दावा किया था कि इन बदलावों का असर चर्च और कुछ धार्मिक संस्थाओं पर पड़ सकता है। मूर ने इसे ईसाइयों के खिलाफ कदम के तौर पर भी पेश किया था।
हालांकि, भारत ने इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा था कि देश के कानूनों में बदलाव करना भारत का आंतरिक मामला है।
विदेश मंत्रालय ने दिया था जवाब
अमेरिकी सांसद के बयान पर भारत के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को प्रतिक्रिया दी थी। मंत्रालय ने कहा था कि भारत अपने कानूनों और नियमों में बदलाव करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। विदेश मंत्रालय ने यह भी रेखांकित किया था कि अमेरिका सहित दुनिया के कई देशों में विदेशी फंडिंग को नियंत्रित करने के लिए अपने-अपने कानून और नियामक व्यवस्थाएं मौजूद हैं।
ऐसे में पीएम मोदी और जेडी वेंस के बीच हुई ताजा बातचीत को दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद की निरंतरता के तौर पर देखा जा रहा है।
मई 2025 में भी हुई थी दोनों नेताओं की फोन पर बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जेडी वेंस के बीच इससे पहले सार्वजनिक रूप से सामने आई फोन पर बातचीत मई 2025 में हुई थी। उस समय भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर था और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव बढ़ गया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने बाद में लोकसभा में इस बातचीत का जिक्र करते हुए बताया था कि जेडी वेंस की ओर से उन्हें कई बार फोन किया गया था। मिस्ड कॉल देखने के बाद उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति को वापस फोन किया था।
पीएम मोदी के मुताबिक, उस बातचीत में वेंस ने पाकिस्तान की ओर से भारत के खिलाफ बड़े हमले की तैयारी की जानकारी दी थी। इसके जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया था कि यदि पाकिस्तान की ओर से कोई हमला होता है, तो भारत की प्रतिक्रिया उससे भी ज्यादा मजबूत होगी।
भारत-अमेरिका संबंधों के लिए क्यों अहम है यह बातचीत?
भारत और अमेरिका के संबंध पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक रूप से लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र, रक्षा सहयोग, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई, महत्वपूर्ण एवं उभरती तकनीक, ऊर्जा और वैश्विक सुरक्षा जैसे कई मुद्दों पर एक-दूसरे के साथ सहयोग कर रहे हैं।
ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बीच हुई ताजा बातचीत यह संकेत देती है कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच संवाद लगातार जारी है। खास तौर पर ऐसे समय में जब व्यापार, विदेशी फंडिंग से जुड़े कानून और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दे चर्चा में हैं, दोनों नेताओं के बीच सीधा संवाद काफी अहम माना जा रहा है।
फिलहाल, ताजा फोन कॉल में दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका की व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की है। साथ ही, पीएम मोदी द्वारा जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस को बेटे के जन्म पर दी गई बधाई ने इस बातचीत को व्यक्तिगत गर्मजोशी भी दी है।