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president droupadi murmu chhattisgarh visit 200 rupee commemorative coin raipur
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 22 और 23 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगी। अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान वे रायपुर और जगदलपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी। गुरुवार को राष्ट्रपति रायपुर में शदाणी दरबार की पीठाधीश माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती के अवसर पर 200 रुपए का स्मारक सिक्का जारी करेंगी। इसके साथ ही उनके सम्मान में विशेष डाक टिकट का भी विमोचन किया जाएगा। वहीं, शाम को वे बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व’ और ‘युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम में शामिल होंगी। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उनके काफिले के गुजरने के दौरान कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहने की संभावना है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को रायपुर स्थित लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती के अवसर पर 200 रुपए का स्मारक सिक्का जारी करेंगी। इसके साथ ही उनके सम्मान में एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया जाएगा। यह आयोजन सिंधी समाज के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शदाणी दरबार के सचिव उदय सांई के मुताबिक, किसी सिंधी विभूति के सम्मान में स्मारक सिक्का और विशेष डाक टिकट जारी होना समाज के लिए ऐतिहासिक अवसर है। इससे माता साहिब हासी देवी के योगदान को व्यापक पहचान मिलेगी और देश-विदेश में रहने वाले सिंधी समुदाय के लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में 200 से अधिक विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है। आयोजन को लेकर सिंधी समाज में उत्साह है। समाज के लोगों का मानना है कि इस पहल से धार्मिक परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।
माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती के अवसर पर जारी होने वाला स्मारक सिक्का कई विशेषताओं से युक्त है। प्रसिद्ध मुद्राशास्त्री सुधीर लूणावत के मुताबिक, इस सिक्के का वजन 35 ग्राम है। इसे चार धातुओं के मिश्रण से तैयार किया गया है।
सिक्के में 50 प्रतिशत चांदी, 40 प्रतिशत तांबा, 5 प्रतिशत निकल और 5 प्रतिशत जस्ता इस्तेमाल किया गया है। इसका निर्माण भारत सरकार की कोलकाता टकसाल में किया गया है। सिक्के को विशेष रूप से माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में तैयार किया गया है।
स्मारक सिक्के का उद्देश्य केवल एक ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाना ही नहीं, बल्कि माता साहिब हासी देवी के योगदान और सिंधी समाज की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा को भी व्यापक पहचान दिलाना है।
स्मारक सिक्के के विमोचन के बाद श्रद्धालुओं और सिक्के एकत्र करने के शौकीनों के लिए इसकी बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है। जानकारी के मुताबिक, शदाणी दरबार की विभिन्न इकाइयों के माध्यम से सिक्के की बुकिंग कराई जा सकेगी। इसके अलावा कोलकाता टकसाल की आधिकारिक वेबसाइट पर भी बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
हालांकि, सिक्के की कीमत, बुकिंग शुरू होने की तारीख और इसकी उपलब्धता से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।
रायपुर का शदाणी दरबार सिंधी समाज के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। इसकी परंपरा 18वीं सदी से जुड़ी हुई है। दरबार की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, इसके संस्थापक संत शदूराम साहिब का जन्म अक्टूबर 1708 में लाहौर में हुआ था।
वर्ष 1768 में वे सिंध क्षेत्र के मठेलो पहुंचे। इसके बाद उन्होंने हयात पिताफी में शदाणी दरबार की स्थापना की। यहां पवित्र धूनी साहिब प्रज्वलित की गई, जो आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है।
भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद शदाणी परंपरा भारत में भी आगे बढ़ी। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में धमतरी रोड पर लगभग 12 एकड़ क्षेत्र में शदाणी दरबार तीर्थ विकसित किया गया। 20 जनवरी 1988 को संत गोबिंदराम साहिब ने इसकी नींव रखी।
वर्तमान में संत डॉ. युधिष्ठिर लाल दरबार के नौवें पीठाधीश्वर हैं। यहां धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ मानव सेवा और समाज कल्याण से जुड़े कार्य भी किए जाते हैं। माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती पर स्मारक सिक्का जारी किया जाना इसी परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
स्मारक सिक्के और विशेष डाक टिकट के विमोचन के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शाम 4 बजे रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी। यहां नुआखाई पर्व के अवसर पर ‘सेवा सम्मान पर्व’ और ‘युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से सेवा कार्यों और युवाओं से जुड़े विषयों पर जोर दिया जाएगा। राष्ट्रपति की मौजूदगी को देखते हुए आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।
राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान रायपुर में यातायात व्यवस्था प्रभावित रहने की संभावना है। एयरपोर्ट से लोकभवन और वहां से बूढ़ापारा स्थित इंडोर स्टेडियम तक राष्ट्रपति के काफिले की आवाजाही के दौरान जरूरत के अनुसार रास्तों को अस्थायी रूप से रोका जा सकता है।
शंकर नगर, सिविल लाइंस और बूढ़ापारा सहित काफिले के संभावित मार्गों के आसपास लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखें और घर से निकलने से पहले यातायात पुलिस की ओर से जारी एडवाइजरी की जानकारी ले लें। विशेष रूप से एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को संभावित ट्रैफिक बाधाओं को ध्यान में रखकर निकलना चाहिए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने छत्तीसगढ़ दौरे के दूसरे दिन, 23 अक्टूबर को बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर पहुंचेंगी। यहां वे आयोजित मुरिया दरबार में शामिल होंगी। बस्तर की सांस्कृतिक और पारंपरिक व्यवस्था में मुरिया दरबार का विशेष महत्व है। इस आयोजन में क्षेत्र की परंपराओं और स्थानीय मुद्दों से जुड़े विषय सामने आते हैं।
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था के लिए 2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की तैयारी है। रायपुर से लेकर जगदलपुर तक प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियां राष्ट्रपति के कार्यक्रमों को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की तैयारियों में जुटी हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरा धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत और आदिवासी परंपराओं, दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण है। रायपुर में माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती पर स्मारक सिक्के और विशेष डाक टिकट का विमोचन सिंधी समाज की विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का अवसर होगा। वहीं, जगदलपुर में मुरिया दरबार में उनकी भागीदारी बस्तर की पारंपरिक सांस्कृतिक व्यवस्था को महत्व देने के रूप में देखी जा रही है।
राष्ट्रपति के कार्यक्रमों के दौरान राजधानी में यातायात व्यवस्था और सुरक्षा पर विशेष ध्यान रहेगा। ऐसे में आम नागरिकों को प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने और यात्रा की योजना पहले से बनाने की जरूरत है।