

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

raipur birgaon fake paneer factory 650 kg paneer seized
रायपुर। राजधानी रायपुर में प्रतिबंधित एनालॉग पनीर के निर्माण और कारोबार का एक और मामला सामने आया है। बीरगांव इलाके में फ्लेवर्ड पनीर बनाने वाली फैक्ट्री की आड़ में कथित तौर पर नकली पनीर तैयार कर ओडिशा भेजे जाने की सूचना पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान करीब 650 किलो पनीर जब्त किया गया है। विभाग ने पनीर के नमूने जांच के लिए लैब भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, खाद्य विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बीरगांव क्षेत्र में एक फ्लेवर्ड पनीर फैक्ट्री की आड़ में कथित रूप से एनालॉग पनीर तैयार किया जा रहा है। सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने जोरा मॉल के पास एक पिकअप वाहन को रोका। वाहन की जांच के दौरान उसमें पनीर की खेप मिली।
650 किलो पनीर ओडिशा भेजने की तैयारी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री से तैयार किया गया करीब 650 किलो पनीर पिकअप वाहन में भरकर ओडिशा भेजा जा रहा था। टीम ने वाहन को रोककर पनीर को जब्त किया और उसके सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। अब लैब रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि जब्त पनीर निर्धारित खाद्य मानकों के अनुरूप है या नहीं।
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने वाहन चालक से पनीर और उसके परिवहन से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी भी मांगी। विभाग की ओर से फैक्ट्री में पनीर निर्माण की प्रक्रिया और इससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पहले भी सामने आ चुके हैं अमानक पनीर के मामले
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि रायपुर में पिछले करीब एक महीने के दौरान पनीर की गुणवत्ता को लेकर खाद्य विभाग की कई कार्रवाइयां सामने आई हैं। विभाग के मुताबिक, इस अवधि में पांच कार्रवाई की गईं। इनमें से तीन मामलों की जांच रिपोर्ट विभाग को मिल चुकी है। दो मामलों में पनीर अमानक पाया गया, जबकि एक मामले में पनीर निर्धारित मानक के अनुरूप मिला। दो अन्य मामलों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
विभाग द्वारा जिन स्थानों से पनीर के नमूने लिए गए, उनमें रायपुर रेलवे स्टेशन के पास का मामला भी शामिल है।
रेलवे स्टेशन के पास 100 किलो पनीर जब्त
4 अगस्त को रायपुर रेलवे स्टेशन के पास प्रियांशु राय से करीब 100 किलो एनालॉग पनीर जब्त किया गया था। बताया गया कि यह पनीर अंबिकापुर भेजे जाने की तैयारी में था। जब्त पनीर की जांच कराई गई, जिसमें इसे अमानक पाया गया।
इसके अगले दिन 5 अगस्त को विभाग की टीम ने तिल्दा स्थित एक डेयरी का औचक निरीक्षण किया। यहां तैयार किए जा रहे पनीर का सैंपल जांच के लिए भेजा गया, जिसकी लैब रिपोर्ट में पनीर अमानक पाया गया।
छत्तीसगढ़ में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में एनालॉग पनीर के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे में प्रतिबंधित उत्पाद तैयार किए जाने की सूचना मिलने के बाद खाद्य विभाग की कार्रवाई ने खाद्य सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
अब 650 किलो जब्त पनीर की लैब रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद यदि पनीर मानकों के विपरीत या प्रतिबंधित एनालॉग पनीर पाया जाता है, तो संबंधित फैक्ट्री और कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, बीरगांव के ओमिया मार्केट स्थित पंछी डेयरी एंड फ्लेवर्ड फैक्ट्री के अंदर पनीर तैयार किया जा रहा था। यहां से करीब 650 किलो पनीर ओडिशा भेजे जाने की बात सामने आई है। जोरा मॉल के पास पनीर से लदा वाहन पकड़े जाने के बाद उसे जब्त कर सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।