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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हवाला कारोबार के एक बड़े नेटवर्क को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भानपुरी से नागपुर और मुंबई की ओर भेजे जा रहे करीब 4 करोड़ रुपये हवाला की रकम होने की आशंका के बीच जब्ती की कार्रवाई हुई। इस मामले ने प्रदेश में हवाला के जरिए होने वाले करोड़ों रुपये के लेन-देन और उससे जुड़े नेटवर्क को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रायपुर में प्रतिदिन करीब 60 करोड़ रुपये का हवाला कारोबार होता है। हालांकि, इस आंकड़े और पूरे नेटवर्क की आधिकारिक पुष्टि जांच एजेंसियों की ओर से होना बाकी है।
नोट के आधे टुकड़े और सीरियल नंबर से चलता है लेन-देन का खेल
रिपोर्ट के अनुसार, हवाला कारोबार से जुड़े लोग रकम के लेन-देन में नोट के आधे टुकड़े और नोटों के सीरियल नंबर का इस्तेमाल करते हैं। इसके जरिए एक जगह रकम प्राप्त करने और दूसरी जगह उतनी ही रकम पहुंचाने की पहचान सुनिश्चित की जाती है।
बताया गया है कि एक लाख रुपये भेजने पर 1,500 से 2,000 रुपये तक कमीशन लिया जाता है। वहीं, झारखंड में एक लाख रुपये भेजने पर कमीशन 300 से 700 रुपये तक होने का दावा किया गया है। मुंबई और दिल्ली के लिए यह कमीशन 1,500 से 2,000 रुपये तक बताया गया है।
इस तरह हवाला के जरिए रकम पहुंचाने वाले लोगों को बिना सामान्य बैंकिंग प्रक्रिया के बड़ी रकम के लेन-देन पर कमीशन मिलता है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों के आधिकारिक रिकॉर्ड से होना जरूरी है।
राजनीतिक दलों से लेकर कारोबारियों तक फैला नेटवर्क
रिपोर्ट में हवाला कारोबार का नेटवर्क राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के साथ लोहा-आयरन, सराफा, गुटखा और तंबाकू कारोबार तक फैले होने का दावा किया गया है। रायपुर से कोलकाता, दिल्ली, मुंबई और गुजरात के अलावा दूसरे शहरों तथा विदेशों तक रकम पहुंचाए जाने की बात भी कही गई है।
बताया गया है कि अनाज, आलू, प्याज और चने के कारोबार में भी हवाला के इस्तेमाल की आशंका जताई जाती है। सराफा, स्टील, आयरन, गुटखा और तंबाकू कारोबार से जुड़े लोगों के नाम भी इस नेटवर्क के संदर्भ में सामने आने का दावा किया गया है। हालांकि, किसी व्यक्ति या कारोबारी की संलिप्तता को जांच और आधिकारिक पुष्टि के बिना स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
रायपुर के इन इलाकों में बड़े कारोबार का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, रायपुर के फाफाडीह, गंज, मेघनाथ, समता कॉलोनी, सदर बाजार और कपड़ा मार्केट जैसे इलाकों में हवाला कारोबार का बड़ा नेटवर्क होने की बात कही गई है। इसमें परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पहले रकम पहुंचाने के लिए छोटी गाड़ियों का इस्तेमाल होता था, लेकिन अब बड़ी गाड़ियों के जरिए भी रकम ले जाने की बात सामने आई है। इस तरह के कारोबार में रकम के स्रोत, वास्तविक प्राप्तकर्ता और लेन-देन के उद्देश्य की जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है।
पहले भी करोड़ों रुपये की रकम जब्त होने के मामले आए सामने
रिपोर्ट में पिछले कुछ समय के दौरान रायपुर में बड़ी रकम पकड़े जाने की कई घटनाओं का उल्लेख किया गया है।
- 6 मई 2026: राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में करीब 16 लाख रुपये जब्त किए जाने का उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार, बरामद रकम में 20 रुपये और 10 रुपये के नोटों के बंडल शामिल थे।
- 20 सितंबर: खम्हारडीह क्षेत्र में करीब 6.60 करोड़ रुपये की रकम पकड़े जाने का जिक्र किया गया है। इस मामले में रकम के स्रोत और संबंधित कारोबारियों के बारे में जांच किए जाने की बात कही गई है।
- 11 मार्च 2025: आमानाका थाना क्षेत्र में करीब 2.80 करोड़ रुपये के नोटों के बंडल पकड़े जाने का उल्लेख भी रिपोर्ट में किया गया है।
इन मामलों में रकम की बरामदगी, उसके स्रोत और हवाला कारोबार से संबंध की स्थिति संबंधित पुलिस एवं जांच एजेंसियों के आधिकारिक दस्तावेजों से अलग-अलग सत्यापित की जानी चाहिए।
4 करोड़ रुपये की बरामदगी से फिर चर्चा में हवाला कारोबार
भानपुरी से नागपुर-मुंबई की ओर भेजी जा रही कथित हवाला रकम की बरामदगी ने एक बार फिर रायपुर में इस तरह के लेन-देन को लेकर चर्चा तेज कर दी है। मामले में रकम किसकी थी, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कौन लोग थे, जैसे सवाल जांच के लिहाज से अहम हैं।
यदि रोजाना 60 करोड़ रुपये के कारोबार का दावा सही साबित होता है, तो यह नेटवर्क बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन से जुड़ा हो सकता है। फिलहाल, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि और जब्त रकम के संबंध में जांच एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी सामने आना जरूरी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये की इस रकम का वास्तविक स्रोत क्या था और क्या जांच में हवाला नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आएगी?