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रियाद। सऊदी अरब के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार को हुए मिसाइल हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 309 से ज्यादा लोग घायल हो गए। सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएसीए) ने हमले में हुई जनहानि की पुष्टि की है। घायलों में कई लोगों की हालत गंभीर बताई गई है। उन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। हमले के बाद हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की गई।
इस हमले का असर न केवल हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटअवेयर के अनुसार, रियाद हवाई अड्डे पर पिछले 24 घंटों के दौरान 225 उड़ानें रद्द हुईं। वहीं, एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने भी रियाद आने-जाने वाली उड़ानों को रद्द रखने की अवधि बढ़ा दी है।
हमले में सऊदी और दूसरे देशों के नागरिकों की मौत
सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, हमले में जान गंवाने वालों में चार सऊदी नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा दो बांग्लादेशी नागरिकों की भी मौत हुई है। अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फलस्तीन और सूडान के एक-एक नागरिक के मारे जाने की जानकारी दी गई है।
प्राधिकरण ने अपने बयान में मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी घायलों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। गंभीर रूप से घायल लोगों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार किया जा रहा है।
हमले के कारण हवाई अड्डे और आसपास के क्षेत्र में संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में हमले के लिए जिम्मेदार पक्ष और मिसाइलों से हुए नुकसान के विस्तृत तकनीकी ब्योरे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं दी गई है।
एयरपोर्ट पर रोका गया संचालन, यात्रियों को निकाला गया
हमले के बाद सुरक्षा कारणों से किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया। यात्रियों को हवाई अड्डे से सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई की गई। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए दर्जनों एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं।
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, रियाद आने वाली कुछ उड़ानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट किया जा रहा था। इस घटनाक्रम के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और कई उड़ानों के समय में बदलाव करना पड़ा।
हवाई अड्डे पर हुए हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने और उड़ानों के परिचालन को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। यात्रियों को अपनी एयरलाइन से उड़ान की ताजा स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
एक सप्ताह में कई हमले, पहले भी गई थी लोगों की जान
रिपोर्ट के मुताबिक, किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यह पिछले एक सप्ताह के दौरान हुए कई हमलों में से एक है। इससे पहले 6 और 7 अक्टूबर को भी हवाई अड्डे पर हमले होने की जानकारी सामने आई थी। उन घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई थी, जबकि 36 लोग घायल हुए थे।
इन घटनाओं ने सऊदी अरब के हवाई परिवहन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। लगातार हो रहे हमलों के कारण हवाई अड्डे के संचालन पर दबाव बढ़ा है और अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियां भी अपने परिचालन की समीक्षा कर रही हैं।
हालांकि, इन हमलों के लिए जिम्मेदार पक्ष के बारे में किसी स्वतंत्र रूप से सत्यापित निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए विस्तृत आधिकारिक जानकारी आवश्यक है।
यमन में सैन्य अभियान के बीच बढ़ा तनाव
रिपोर्ट में बताया गया है कि सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की ओर से पड़ोसी यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरू किए जाने के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ा है। इसी पृष्ठभूमि में सऊदी अरब के हवाई अड्डों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं।
क्षेत्रीय संघर्ष का असर अब हवाई परिवहन और आम यात्रियों की आवाजाही पर भी दिखाई दे रहा है। यदि सुरक्षा संबंधी खतरे बने रहते हैं, तो उड़ानों के परिचालन में और बदलाव हो सकते हैं। हालांकि, किसी विशेष हमले और सैन्य अभियान के बीच सीधा संबंध स्थापित करने के लिए विश्वसनीय आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
24 घंटे में 225 उड़ानें रद्द, कई एयरलाइंस ने सेवाएं रोकीं
रियाद हवाई अड्डे पर हमले और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का असर विमानन सेवाओं पर पड़ा है। फ्लाइटअवेयर के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 225 उड़ानें रद्द हुईं।
फ्लाईदुबई, लुफ्थांसा समूह और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस सहित कई विमानन कंपनियों ने सऊदी अरब के लिए अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित करने की जानकारी दी है। उड़ानों के रद्द होने और मार्ग बदलने से यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
अमेरिका ने भी अपने नागरिकों को हवाई अड्डे और उसके आसपास के इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। यह परामर्श क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दर्शाता है।
एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने बढ़ाई उड़ानें रद्द रखने की अवधि
सऊदी अरब में बदलते हालात के मद्देनजर भारतीय विमानन कंपनियों ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद आने-जाने वाली उड़ानों का परिचालन रद्द रखने की अवधि बढ़ा दी है।
एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानें अब 14 अक्टूबर तक रद्द रहेंगी, जबकि एअर इंडिया की उड़ानों का परिचालन 15 अक्टूबर तक निलंबित रहेगा। इससे पहले दोनों एयरलाइंस ने 10 अक्टूबर तक उड़ानें रद्द रखने की घोषणा की थी।
उड़ानों के निलंबन की अवधि बढ़ाए जाने से रियाद जाने या वहां से भारत लौटने की योजना बना रहे यात्रियों को अपनी यात्रा दोबारा निर्धारित करनी पड़ सकती है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी एयरलाइन से उड़ान की स्थिति, टिकट में बदलाव और रिफंड संबंधी जानकारी की पुष्टि कर लें।
यात्रियों के लिए क्या है जरूरी?
रियाद और सऊदी अरब के अन्य क्षेत्रों की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए फिलहाल उड़ानों की स्थिति पर नजर रखना महत्वपूर्ण है। सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों में बदलाव के कारण उड़ानें रद्द हो सकती हैं या उनका मार्ग बदला जा सकता है।
यात्रियों को अपनी एयरलाइन के आधिकारिक अपडेट देखने चाहिए और संबंधित दूतावासों की यात्रा सलाह का पालन करना चाहिए। वहीं, लगातार हो रहे हमलों के बीच हवाई अड्डे की सुरक्षा और उड़ानों की बहाली को लेकर आगे की स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है।