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मुंबई: सोमवार को शेयर बाजार में भारी बिकवाली का असर देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक State Bank of India के शेयरों पर भी देखने को मिला। बैंक का शेयर करीब 7% गिरकर 1064.30 रुपये के इंट्रा-डे लो लेवल तक पहुंच गया। इस तेज गिरावट के कारण निवेशकों को लगभग 62,352 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
गिरावट के दौरान बैंक का मार्केट कैप घटकर करीब 9.93 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं सरकारी कंपनियों से जुड़े शेयरों का सूचकांक BSE PSU Index भी 5.65% तक टूट गया, जिससे पूरे पीएसयू सेक्टर में दबाव देखने को मिला।
विश्लेषकों के मुताबिक बाजार में इस बड़ी गिरावट की प्रमुख वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। खासकर Iran, Israel और United States के बीच जारी टकराव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा।
हालांकि सोमवार को शेयर में तेज गिरावट आई, लेकिन इस साल SBI के शेयर ने निवेशकों को करीब 10.55% का रिटर्न दिया है। वहीं पिछले एक साल में शेयर में लगभग 48% की तेजी दर्ज की गई है।
बैंक का 52-सप्ताह का हाई 1234.70 रुपये और लो 719.05 रुपये रहा है। इससे साफ है कि लंबी अवधि में शेयर ने अच्छा प्रदर्शन किया है, जबकि हालिया बिकवाली से अल्पकालिक दबाव बना है।
RSI और तकनीकी स्थिति
तकनीकी आंकड़ों के अनुसार SBI का 14-दिन का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 47.2 पर है, जो न्यूट्रल जोन में माना जाता है। आम तौर पर RSI 30 से नीचे होने पर ओवरसोल्ड और 70 से ऊपर होने पर ओवरबॉट की स्थिति मानी जाती है। मौजूदा स्तर यह संकेत देता है कि शेयर में फिलहाल संतुलित गतिविधि बनी हुई है।
अन्य बैंकों के शेयर भी गिरे
SBI के अलावा कई अन्य सरकारी बैंकों के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। Union Bank of India, Canara Bank, Punjab National Bank और Bank of Baroda के शेयरों में 4% से 6% तक की गिरावट देखी गई। इससे साफ है कि पूरे बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ी
शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार SBI में विदेशी निवेशकों (FPIs) की हिस्सेदारी सितंबर तिमाही में 9.57% थी, जो दिसंबर 2025 तक बढ़कर 10.34% हो गई। वहीं म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 14.23% से घटकर 13.76% पर आ गई है। इससे संकेत मिलता है कि विदेशी निवेशकों का भरोसा स्टॉक पर बना हुआ है, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने अल्पकालिक मुनाफावसूली की है।
नोट: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों और आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है, इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।