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सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। वीबी-जी राम जी योजना के तहत विकास कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने, कार्यों की स्वीकृति में देरी करने और ग्रामीणों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने में लापरवाही के मामले सामने आने के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है। जारी आदेश के अनुसार, एक तकनीकी सहायक सहित तीन ग्राम रोजगार सहायकों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं, जबकि दो पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया गया है।
प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के पंचायत और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि शासकीय योजनाओं के संचालन में लापरवाही, निर्धारित जिम्मेदारियों की अनदेखी और कार्यों की प्रगति प्रभावित करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
वीबी-जी राम जी योजना के कार्यों में लापरवाही का मामला
जिला प्रशासन के अनुसार, वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत विकास कार्यों को गति देने, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और निर्धारित मानव दिवस का सृजन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की है। लेकिन जांच के दौरान योजना के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने और कार्यों की स्वीकृति में ढिलाई बरतने जैसी अनियमितताएं सामने आईं।
इसके अलावा, श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए निर्धारित नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) ऐप के उपयोग में भी गंभीर लापरवाही पाए जाने की बात कही गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य कार्यस्थलों पर श्रमिकों की उपस्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड रखना और योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
प्रशासन का मानना है कि इस तरह की लापरवाही से न केवल विकास कार्य प्रभावित होते हैं, बल्कि ग्रामीणों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य पर भी असर पड़ता है। इन्हीं कारणों से संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
इन चार कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त
कलेक्टर अमित कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, चार कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। इनमें शामिल हैं:
1. अनिल कवासी — तकनीकी सहायक, जनपद पंचायत सुकमा।
2. सोयम जोगेश्वर (जोगेश कुमार) — ग्राम रोजगार सहायक, ग्राम पंचायत मरईगुड़ा, जनपद पंचायत कोंटा।
3. सुरेन्द्र पदामी — ग्राम रोजगार सहायक, ग्राम पंचायत सिरसट्टी, जनपद पंचायत सुकमा।
4. देवाराम मुचाकी — ग्राम रोजगार सहायक, ग्राम पंचायत पुसगुन्ना, जनपद पंचायत छिंदगढ़।
इन कर्मचारियों पर योजना के तहत निर्धारित जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही बरतने और विकास कार्यों की प्रगति प्रभावित होने के आरोपों के मद्देनजर कार्रवाई की गई है।
दो पंचायत सचिव तत्काल प्रभाव से निलंबित
सेवा समाप्ति के अलावा जिला प्रशासन ने दो पंचायत सचिवों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। आदेश के तहत ग्राम पंचायत मिलमपल्ली के सचिव मड़कम लख्खा, जिनके पास पोटकपल्ली का अतिरिक्त प्रभार भी है, तथा ग्राम पंचायत ढोंढरा के सचिव मौसम तम्मैया, जिनके पास डब्बाकोंटा का अतिरिक्त प्रभार है, को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
यह कार्रवाई पंचायत स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन और संबंधित जिम्मेदारियों के निर्वहन में सामने आई लापरवाही के मामले में की गई है।
12 नोटिस के बाद भी नहीं दिया जवाब, तकनीकी सहायक पर कार्रवाई
इस पूरे मामले में तकनीकी सहायक अनिल कवासी का प्रकरण विशेष रूप से सामने आया है। प्रशासन के मुताबिक, योजना से जुड़े कार्यों में लापरवाही के साथ-साथ वे लगातार समीक्षा बैठकों में भी अनुपस्थित रहे।
बताया गया है कि जिला एवं जनपद स्तर से उन्हें कुल 12 बार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद उन्होंने न तो संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया और न ही अपनी कार्यशैली में अपेक्षित सुधार किया। लगातार अनुपस्थिति और नोटिस के बाद भी जवाब नहीं देने को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए प्रशासन ने उनकी सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया।
ग्रामीणों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने पर प्रशासन का जोर
वीबी-जी राम जी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने और पात्र ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने से जुड़ा है। ऐसे में कार्यों की स्वीकृति में देरी, श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने में लापरवाही और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति नहीं होना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को प्रभावित कर सकता है।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को योजनाओं की निगरानी मजबूत करने और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे पंचायत स्तर पर कामकाज में सुधार लाने और सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक समय पर पहुंचाने का संदेश दिया गया है।
कुल मिलाकर, सुकमा जिला प्रशासन ने सरकारी योजनाओं में लापरवाही के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए चार कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की हैं और दो पंचायत सचिवों को निलंबित किया है। अब इस कार्रवाई के बाद पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की प्रगति, श्रमिकों की उपस्थिति और ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर निगरानी महत्वपूर्ण होगी।