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नई दिल्ली। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की ओर से यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भेजे गए संदेश के लिए आभार जताया है। जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें भारत की राष्ट्रपति की ओर से यूक्रेन के लोगों के लिए शुभकामनाएं पाकर खुशी हुई।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर राष्ट्रपति मुर्मु को शांति की कामना के लिए धन्यवाद दिया। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच कीव लगातार शांति और युद्ध समाप्ति के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है।
राष्ट्रपति मुर्मु के संदेश पर जताया आभार
जेलेंस्की ने एक्स पर लिखा कि यूक्रेन अपनी स्वतंत्रता की बहाली की 35वीं वर्षगांठ मना रहा है। उन्होंने कहा कि इस मौके पर भारत की राष्ट्रपति की ओर से यूक्रेन के लोगों के लिए भेजी गई शुभकामनाओं को पाकर वह खुश हैं।
उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की ओर से शांति की कामना किए जाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
‘युद्ध का सम्मानजनक अंत सबसे बड़ा सपना’
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने अपने संदेश में रूस के साथ जारी युद्ध का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता की बहाली की वर्षगांठ के अवसर पर रूस के युद्ध का सम्मानजनक अंत यूक्रेन के लाखों लोगों का सबसे बड़ा सपना है।
जेलेंस्की ने उम्मीद जताई कि पूरी दुनिया मिलकर इस दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता तैयार करने में मदद करेगी। उनके बयान से साफ है कि यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को महत्वपूर्ण मान रहा है।
भारत के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर
जेलेंस्की ने भारत के साथ संबंधों को लेकर भी यूक्रेन की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि यूक्रेन भारत के साथ आपसी फायदे वाली बातचीत और संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह बयान भारत और यूक्रेन के बीच कूटनीतिक संवाद के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत लंबे समय से रूस-यूक्रेन संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए किए जाने पर जोर देता रहा है।
शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटा रहा यूक्रेन
रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी युद्ध के बीच यूक्रेन विभिन्न देशों से शांति प्रयासों के लिए समर्थन मांगता रहा है। जेलेंस्की का ताजा बयान भी इसी व्यापक कूटनीतिक प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है।
भारत ने भी कई मौकों पर संघर्ष के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति के महत्व पर जोर दिया है। ऐसे में राष्ट्रपति मुर्मु के संदेश पर जेलेंस्की का सार्वजनिक रूप से आभार जताना दोनों देशों के बीच संपर्क और संवाद को लेकर सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा सकता है।