

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Latest News: BJP's triple engine plan to conquer Punjab, Saini's 45 visits, Yogi-Suvendu model to woo OBCs
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य में अपनी रणनीति तेज कर दी है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पंजाब में पार्टी के प्रमुख चेहरे के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। पिछले 6-7 महीनों में सैनी पंजाब के 45 से अधिक दौरे और 65 से ज्यादा कार्यक्रमों में हिस्सा ले चुके हैं। अगले महीने भी उनके चार दौरे प्रस्तावित हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, BJP की नजर पंजाब की लगभग 33 प्रतिशत OBC आबादी पर है और वह 117 विधानसभा सीटों में से करीब 40 सीटों को विशेष लक्ष्य बनाकर काम कर रही है।
नवांशहर के मंच से दिया डबल इंजन सरकार का संदेश
1 मई को नवांशहर के पोजेवाल में गरीबदासी संप्रदाय के सद्गुरु ब्रह्मानंद भूरीवाले के 24वें निर्वाण दिवस कार्यक्रम में नायब सैनी ने कहा कि पंजाब का विकास तभी संभव है, जब राज्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली "डबल इंजन सरकार" बने।
राजनीतिक जानकार इसे पंजाब चुनाव के लिए BJP की शुरुआती चुनावी रणनीति का सार्वजनिक संकेत मान रहे हैं।
BJP नेताओं का दावा- पंजाब और हरियाणा की सांस्कृतिक निकटता का मिलेगा फायदा
पटियाला ग्रामीण (उत्तर) के BJP अध्यक्ष जसपाल सिंह गगरोली का कहना है कि पंजाब और हरियाणा की संस्कृति, भाषा और सामाजिक संरचना काफी हद तक जुड़ी हुई है। उनके अनुसार नायब सैनी पंजाबी भाषा पर अच्छी पकड़ रखते हैं और संगठन में कार्यकर्ताओं से उनका सीधा संपर्क है।
अमृतसर ग्रामीण के BJP अध्यक्ष अमरपाल सिंह बोनी का दावा है कि हरियाणा में सैनी सरकार के कामों का सकारात्मक असर पंजाब में भी दिखाई देता है, विशेषकर व्यापारी वर्ग के बीच।
विशेषज्ञों की राय: नायब सैनी से संपर्क बढ़ेगा, वोट ट्रांसफर आसान नहीं
राजनीतिक विश्लेषक प्रो. राजिंदर पाल सिंह का मानना है कि नायब सैनी BJP और पंजाब के मतदाताओं के बीच "पुल" की भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन उनका प्रभाव सीधे वोटों में तब्दील होगा, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी।
उन्होंने कहा कि पंजाब में OBC वोट बैंक अब तक पूरी तरह किसी एक राजनीतिक दल के साथ नहीं जुड़ा है और BJP इसी वर्ग को संगठित करने की कोशिश कर रही है।
हरियाणा मॉडल पर पंजाब में गैर-जाट समीकरण साधने की कोशिश
विशेषज्ञों के अनुसार BJP हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में अपनाए गए जाट बनाम गैर-जाट सामाजिक समीकरण की तर्ज पर पंजाब में भी रणनीति बना रही है।
पार्टी की कोशिश OBC और दलित समुदायों को जोड़कर गैर-जाट सामाजिक गठजोड़ तैयार करने की है। पंजाब में सिख जाट आबादी लगभग 25 प्रतिशत मानी जाती है।
योगी मॉडल और शुभेंदु फैक्टर पर भी नजर
पंजाब BJP के कुछ नेताओं का मानना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर जनता के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली को लेकर सकारात्मक चर्चा है।
सूत्रों के मुताबिक चुनाव नजदीक आने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य राष्ट्रीय नेताओं की रैलियां भी बढ़ सकती हैं। साथ ही पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी की चुनावी रणनीति का भी अध्ययन किया जा रहा है।
दलित वोट बैंक के लिए संत परंपरा पर फोकस
BJP सूत्रों के अनुसार पार्टी पंजाब के दलित समुदाय तक पहुंच बनाने के लिए विभिन्न संतों और धार्मिक परंपराओं से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी कर रही है।
इस रणनीति के तहत संत जैता सिंह सहित कई ऐतिहासिक और धार्मिक व्यक्तित्वों को केंद्र में रखकर कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। पार्टी का मानना है कि राज्य की लगभग 33 प्रतिशत दलित आबादी तक पहुंच बनाने में यह अभियान मददगार हो सकता है।
BJP कार्यकर्ताओं में उत्साह के साथ नाराजगी भी
पार्टी के कुछ कार्यकर्ता नायब सैनी की सक्रियता का स्वागत कर रहे हैं, लेकिन साथ ही उनका मानना है कि पंजाब में BJP को एक मजबूत स्थानीय मुख्यमंत्री चेहरा भी पेश करना चाहिए। कुछ नेताओं ने पार्टी में नए चेहरों को शामिल करने और भविष्य के नेतृत्व को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
BJP के सामने दो बड़ी राजनीतिक संभावनाएं
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब में BJP के लिए दो प्रमुख रास्ते हो सकते हैं-
1. अकाली दल के असंतुष्ट धड़ों से गठबंधन
विशेषज्ञों के अनुसार चुनाव से पहले शिरोमणि अकाली दल के अलग-अलग समूहों के साथ समझौते की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
2. आम आदमी पार्टी में संभावित राजनीतिक टूट
विश्लेषकों का कहना है कि यदि आम आदमी पार्टी के कुछ प्रभावशाली नेता BJP में शामिल होते हैं तो पार्टी को चुनावी लाभ मिल सकता है।
AAP का पलटवार- स्थानीय चुनावों में उम्मीदवार नहीं मिले
आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग ने BJP के दावों को खारिज करते हुए कहा कि हालिया स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी कई वार्डों में उम्मीदवार तक नहीं उतार सकी और बड़ी संख्या में उसके प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP पंजाब में संगठनात्मक रूप से अभी भी कमजोर है और केवल केंद्रीय एजेंसियों के सहारे राजनीति कर रही है।